Connect with us

उत्तराखण्ड

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 5 दिवसीय कुमाऊँ मंडल ट्रेनिंग का समापन,,,,

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राजकीय ट्रेनिंग सेंटर बागजाला गौलापार हलद्वनी मे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 5 दिवसीय कुमाऊँ मंडल ट्रेनिंग का समापन किया गया। डॉ भगीरथी जोशी , मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा सफलतापूर्वक समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कहा की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अकेला ऐसा कार्यक्रम है जो बच्चों के जीवन की समग्र गुणवत्ता को ऊपर उठाने के लिए कार्य कर रहा है और उन्हें अपनी सम्पूर्ण क्षमता को पाने योग्य बनाने के लिए प्रयासरत है तथा साथ ही बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम समुदाय के सभी बच्चों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कहा कि चिकित्सा अधिकारियो , नर्सिंग ओफ्फिसरो, फार्मासिस्ट को 5 दिन तक जो प्रक्षिक्षण विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा दिया गया है जिससे सभी प्रतिभगियों को अपने अपने क्षेत्र मे और अधिक ऊर्जा के साथ काम करगे।

डॉ रश्मि पंत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुवे बताया जन्म से अठारह वर्ष तक के बच्चों की स्वास्थ्य जाँच शामिल है, स्वास्थ्य जाँच मैं चार श्रेणियों जन्म जात रोग, कमियाँ , बीमारियाँ, विकास में देरी में श्रेणीबद्ध 29 रोगों की जाँच की जाती है, ता की इन रोगों का शीघ्र पता लगाया जा सकें, बीमार बच्चों का प्रबंधन किया जा सकें, निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें साथ ही इसमें तृतीयक स्तर पर सर्जरी भी शामिल है। इन चार श्रेणियों में श्रेणीबद्ध रोगों को 4 डी. के नाम से भी जाना जाता है।यदि स्वास्थ्य जाँच में 29 रोगों में से कोई रोग पाया जाता है तो बच्चों को प्रारंभिक स्वास्थ्य सेवाएं जिला स्तर पर प्रदान की जाती है। ये सभी स्वास्थ्य सेवाएं निशुलक प्रदान की जाती है जो की परिवार को उपचार पर होने वाले खर्चो को कम करने में सहायता प्रदान करती है।
डॉ मनीषा चिकित्सा अधिकारी द्वारा कहा गया कि बच्चों को जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए, आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित 0-6 वर्ष की आयु
समूह के बच्चों के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय और सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों
में नामांकित बच्चों की जाँच हेतु
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बीच सुदृढ़ सहयोग है। नवज़ात बच्चों में जन्मजात रोगों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य जाँच, स्वास्थ्य केन्द्रो में चिकित्साकों द्वारा की जाती हैं और उसके बाद आशा द्वारा बच्चों की जाँच घर में ही की जाती हैं। कार्यकम पर मास्टर ट्रेनर डा रश्मि पंत एसीएमओ , डा मनीषा कायथ ,डा रितु रखोलिया एचओडी बाल रोग विशेषज्ञ
डॉ साक्षी भुड्डी बाल रोग विशेषज्ञ

डॉ दलीप वार्ष्णेय ईएनटी विशेषज्ञ डॉ विजय जोशी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ युवराज पंत साइकोलॉजिस्ट, बसंत गोस्वामी रहे

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
Continue Reading
You may also like...

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page