उत्तराखण्ड
आयुक्त दीपक रावत ने किया जिलाधिकारी कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण, लंबित वादों के दो माह में निस्तारण के निर्देश





आयुक्त ने जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय, अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय, शस्त्र अनुभाग, आरटीआई अनुभाग, राजस्व अभिलेखागार, भू-अभिलेख अनुभाग सहित विभिन्न पटलों का निरीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) न्यायालय में खाद्य सुरक्षा अधिनियम, गुंडा नियंत्रण अधिनियम तथा स्टांप अधिनियम से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित वादों का निस्तारण आगामी दो माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक सप्ताह प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए। निर्धारित अवधि में प्रगति संतोषजनक न होने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
आयुक्त ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी अनुपालन के लिए व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता को सुरक्षित एवं मानक गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
राजस्व अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान उन्होंने भूमि एवं राजस्व संबंधी नकल के लिए प्राप्त आवेदनों के पंजीकरण और समयबद्ध निस्तारण की समीक्षा की। आवेदन प्राप्त होने के उसी दिन पंजिका में दर्ज करने तथा समय पर नकल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अनियमितताएं मिलने पर संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने तथा उत्तर संतोषजनक न होने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही दोनों अपर जिलाधिकारियों को प्रत्येक माह राजस्व अभिलेखागार का निरीक्षण करने और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
शस्त्र एवं खनन पटल की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त करते हुए आयुक्त ने सभी उपजिलाधिकारियों को प्रत्येक माह गन हाउस का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में लंबित मामलों के निस्तारण की प्रगति पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी न्यायालयों में भी लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, अपर जिलाधिकारी विवेक राय एवं सौरभ असवाल, उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनिल शर्मा, मुरलीधर सहित विभिन्न अनुभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इससे पूर्व कलक्ट्रेट पहुंचने पर जिलाधिकारी ने कुमाऊँ आयुक्त का पुस्तक भेंट कर स्वागत किया, जबकि पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।


