उत्तराखण्ड
परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई: हल्द्वानी ट्रांसपोर्ट नगर में 3 अपंजीकृत वाहन बॉडी कारखाने सील, मालिकों को 3 दिन में स्पष्टीकरण का अल्टीमेटम

हल्द्वानी,: सड़क सुरक्षा और अवैध वाहन निर्माण पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग ने हल्द्वानी में धावा बोल दिया। डॉ. गुरुदेव सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी के सख्त निर्देश पर ट्रांसपोर्ट नगर (टीपी नगर) में शिकायतों के आधार पर 3 अपंजीकृत वाहन बॉडी निर्माण कारखानों पर संयुक्त छापेमारी की गई। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं प्रशासन) जितेंद्र सिंगवान और संभागीय निरीक्षक विनोद गुंज्याल के नेतृत्व में टीम ने कारखानों को तुरंत बंद करा दिया तथा मालिकों को 3 दिनों के अंदर आरटीओ कार्यालय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया। स्पष्टीकरण न देने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। ट्रांसपोर्ट नगर में अवैध रूप से वाहन बॉडी बनाने वाले कारखानों की शिकायतें लंबे समय से प्राप्त हो रही थीं। इन कारखानों पर पंजीकरण के बिना संचालन, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रदूषण फैलाने के आरोप थे। आज दोपहर टीम ने अचानक दबिश दी और निम्नलिखित कार्रवाई की:
3 कारखाने बंद: टीपी नगर के तीन प्रमुख अपंजीकृत इकाइयों को सील कर दिया गया।
नोटिस सर्व: मालिकों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत 3 दिनों में लिखित स्पष्टीकरण जमा करने का आदेश उन्होंने कहा कि : जांच पूरी होने पर जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने या आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई संभावित।
इस कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक अरविंद ह्यांकि, प्रवर्तन चालक शिव प्रकाश सिंह रावत, परिवहन आरक्षी निधि सिंह, कमलेश भाकुनी और कविता महेरा शामिल रहीं। टीम ने मौके पर वाहन पार्ट्स, मशीनरी और दस्तावेज जब्त किए।
इस दौरान ।सहायक आरटीओ जितेंद्र सिंगवान ने बताया, “ये कारखाने बिना किसी वैध पंजीकरण के काम कर रहे थे, जो सड़क सुरक्षा के लिए खतरा हैं। हम ऐसी अनधिकृत गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस अपनाएंगे। जनता से अपील है कि ऐसी शिकायतें सीधे विभाग को दें।” संभागीय निरीक्षक विनोद गुंज्याल ने कहा कि यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा ताकि हल्द्वानी जिले में मानक वाहन निर्माण सुनिश्चित हो। हल्द्वानी ट्रांसपोर्ट नगर उत्तराखंड का प्रमुख वाहन मरम्मत और बॉडी बिल्डिंग हब है, जहां सैकड़ों इकाइयां संचालित हैं। लेकिन अपंजीकृत कारखानों से घटिया बॉडी वाले वाहन सड़कों पर दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। पिछले वर्ष नैनीताल जिले में इसी तरह के अवैध कारखानों से जुड़े 5 हादसे दर्ज हो चुके हैं। इस कार्रवाई से अब अन्य इकाइयां भी सतर्क हो सकती हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि वैध पंजीकरण वाले कारखानों को इससे फायदा होगा। उन्होंने आम जनमानस से अपील करते हुए कहा कि अगर आप वाहनों की बॉडी बनवाते है तो पंजीकृत कारखाने से ही बनाए ,,



