उत्तराखण्ड
उत्तराखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘एआई-फॉर-ऑल’ पहल शुरू, छात्रों को मिलेंगे रोजगारोन्मुखी एआई पाठ्यक्रम



लोकभवन में आयोजित समारोह में वी. कामाकोटी और प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलपति, दून विश्वविद्यालय ने इस पहल के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए। राज्यपाल ने कहा कि शुरुआती चरण में छात्रों के लिए एआई एवं मशीन लर्निंग विद पाइथन, एआई इन फिजिक्स, एआई इन अकाउंटिंग, एआई इन केमिस्ट्री, एआई फॉर एजुकेटर्स तथा एआई फॉर एस्पायरिंग इंजीनियर्स जैसे पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड जैसे सीमावर्ती हिमालयी राज्य में तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राज्य की सभी सरकारी विश्वविद्यालयों, 100 से अधिक सरकारी कॉलेजों, निजी विश्वविद्यालयों तथा अन्य केंद्रीय शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों के विद्यार्थी इस पहल का लाभ उठा सकेंगे।
आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटी ने बताया कि स्वयं प्लस भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की पहल है, जिसे आईआईटी मद्रास पूरे देश में लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है।
दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने इस सहयोग को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आईआईटी मद्रास के साथ साझेदारी उत्तराखंड के विद्यार्थियों को नई तकनीकों और वैश्विक स्तर की शिक्षा से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर, श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमरीश कुमार महाजन, सीएसआईआर-आईआईपी देहरादून के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट सहित विभिन्न शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद उपस्थित रहे।


