उत्तराखण्ड
स्मार्ट मीटर ने व्यापारी को थमाया 65 लाख 40 हजार 811 रुपये का बिजली बिल, परिवार में मचा हड़कंप
एक महीने के बिजली बिल की धनराशि देखकर उड़े होश, UPCL की वेबसाइट पर दर्ज है भारी-भरकम रकम; मटर गली व्यापारी एसोसिएशन ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
हल्द्वानी, 5 नवंबर 2026। बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और स्मार्ट मीटर की सटीकता पर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान करने वाला मामला हल्द्वानी की मटर गली से सामने आया है। यहां एक व्यापारी की दुकान पर लगाए गए स्मार्ट मीटर के बाद उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने 65 लाख 40 हजार 811 रुपये का बिजली बिल जारी कर दिया। करीब एक महीने के बिजली बिल में इतनी बड़ी धनराशि देखकर व्यापारी परिवार के होश उड़ गए। मामला सामने आने के बाद मटर गली व्यापारी एसोसिएशन ने विद्युत विभाग के प्रति कड़ा आक्रोश जताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मटर गली के व्यवसायी जसवीर सिंह, प्रोपराइटर जस्सी दी लस्सी के पुत्र जसपाल सिंह ने गुरुवार सुबह व्यापारी नेता एवं एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह दल्ली से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुकान में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद जो बिजली बिल प्राप्त हुआ है, उसकी धनराशि 65,40,811 रुपये है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि UPCL की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध बिल विवरण में भी 65,40,811 रुपये की धनराशि दर्ज दिखाई दे रही है। ऑनलाइन बिल विवरण के अनुसार बिल 4 नवंबर 2026 को जारी हुआ है, जबकि भुगतान की अंतिम तिथि 19 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
व्यापारी परिवार का कहना है कि पूर्व में सभी बिजली बिलों का भुगतान नियमित रूप से समय पर किया जाता रहा है। ऐसे में अचानक लाखों रुपये का बिल आना समझ से परे है। इतनी बड़ी धनराशि का बिल देखकर पूरा परिवार मानसिक तनाव और दहशत में है। परिवार ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि बिल की तत्काल तकनीकी जांच कर वास्तविक बिजली खपत के अनुसार इसे संशोधित किया जाए, ताकि उपभोक्ता समय पर अपने बिजली बिल का भुगतान कर सके।
मटर गली व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह दल्ली ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग के जेई साकेब से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन किसी कारणवश उनसे संपर्क नहीं हो सका।
एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह दल्ली और महामंत्री अतुल कुमार गुप्ता ने विद्युत विभाग के महाप्रबंधक, एसडीओ, कनिष्ठ अभियंता सहित संबंधित अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। साथ ही स्मार्ट मीटर की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने और बिल में इतनी बड़ी धनराशि दर्ज होने के कारणों का पता लगाने की मांग उठाई है।
व्यापारी नेताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता के लिए लगाए जा रहे हैं, लेकिन यदि एक महीने की बिजली खपत के नाम पर किसी उपभोक्ता को 65 लाख रुपये से अधिक का बिल जारी हो जाए तो यह बेहद गंभीर मामला है। विभाग को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल समाधान करना चाहिए।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि उपभोक्ताओं को इस प्रकार की तकनीकी या विभागीय लापरवाही के कारण मानसिक और आर्थिक परेशानी नहीं झेलनी चाहिए। विभागीय अधिकारियों को शीघ्र बैठक कर मामले का समाधान करना चाहिए तथा स्मार्ट मीटर की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
दलजीत सिंह दल्ली अध्यक्ष, मटर गली व्यापारी एसोसिएशन, हल्द्वानी





