Connect with us

उत्तराखण्ड

राज्य स्थापना दिवस को भव्यता से मनाने की तैयारी तेज, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारियां

राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिजनों को किया जाएगा सम्मानित, लोक संस्कृति पर आधारित होंगे रंगारंग कार्यक्रम; नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान

पिथौरागढ़। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस को इस वर्ष भी जनपद में भव्य, गरिमामय और हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 9 नवंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्थापना दिवस समारोह को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को जिला सभागार में जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समारोह की रूपरेखा तय करने के साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि राज्य निर्माण के लिए किए गए लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन में आंदोलनकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके योगदान और संघर्ष को सम्मान देना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने निर्देश दिए कि समारोह के दौरान राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके परिजनों को सम्मानित किया जाए, ताकि नई पीढ़ी भी राज्य निर्माण के गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सके।

जिलाधिकारी ने समारोह में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष स्थान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में स्थानीय लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग समय रहते सभी तैयारियां पूरी करें।

स्वच्छता अभियान से स्वच्छ और सुंदर बनेगा जनपद

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जनपद के सभी नगर निकायों, ग्राम पंचायतों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता अभियान में संबंधित विभागों के साथ स्थानीय निकायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। अभियान के माध्यम से आम नागरिकों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने का प्रयास किया जाए।

उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, बैठने की उचित व्यवस्था सहित अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं समय से सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने और समारोह को सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और योगदान की जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है, जिससे युवाओं में उत्तराखंड के इतिहास, पहचान और विकास के प्रति जागरूकता बढ़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.एस. चुफाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page