उत्तराखण्ड
गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध और सुरक्षित मातृ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश




मानसून में बर्थ वेटिंग होम के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की नियमित निगरानी के निर्देश
नैनीताल, 03 सितंबर 2026। गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध एएनसी सेवाएं, सुरक्षित संस्थागत प्रसव, प्रभावी रेफरल व्यवस्था और संभावित जटिलताओं का समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने जनपद के सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्सा अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सीएमओ ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं, विशेषकर दूरस्थ, दुर्गम एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं की लाइन लिस्ट तैयार कर आशा एवं एएनएम के माध्यम से नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक गर्भवती महिला को निर्धारित समय पर एएनसी परामर्श के साथ आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने प्रत्येक गर्भवती महिला का बर्थ प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें प्रसव स्थल, परिवहन की व्यवस्था, संभावित रक्तदाता तथा आपातकालीन संपर्क विवरण दर्ज किया जाए। साथ ही संभावित प्रसव तिथि के अनुसार उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय से पहचान, लाइन लिस्टिंग और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश
सीएमओ ने कहा कि दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली तथा उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समय रहते बर्थ वेटिंग होम अथवा प्रसव केंद्रों के निकट स्थित स्वास्थ्य इकाइयों में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। इसका उद्देश्य प्रसव के दौरान किसी भी आपात स्थिति में महिला को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
मानसून में बर्थ वेटिंग होम का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें
मानसून के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंच बाधित होने की संभावना को देखते हुए सीएमओ ने बर्थ वेटिंग होम के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को पहले से चिन्हित किया जाए, जहां बारिश, भूस्खलन या अन्य आपदा की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच प्रभावित हो सकती है। आवश्यकता के अनुसार ऐसी महिलाओं को प्रसव से पूर्व समय रहते बर्थ वेटिंग होम में ठहराने की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने बर्थ वेटिंग होम में आवास, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा, आवश्यक दवाओं एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि बर्थ वेटिंग होम केवल गर्भवती महिलाओं के ठहरने की व्यवस्था नहीं हैं, बल्कि मातृ एवं शिशु सुरक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विशेषकर मानसून और आपदा संभावित परिस्थितियों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले सुरक्षित स्थान पर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। इससे समय पर संस्थागत प्रसव और आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन प्रसूति सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है तथा मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों को कम किया जा सकता है।
उन्होंने सभी संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने को कहा।

















