उत्तराखण्ड
उत्तराखंड को Integrative Medicine का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में अहम पहल





देहरादून, 2 सितंबर। स्वस्थ एवं समग्र मानवता के लिए चिकित्सा की विभिन्न प्रभावी पद्धतियों के ज्ञान और अनुभव को एक साथ लाने की आवश्यकता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए लोक भवन में आयोजित ‘एकीकृत चिकित्सा संगोष्ठी’ में देश-विदेश से आए चिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों के विशेषज्ञों ने Integrative Medicine की संभावनाओं पर सार्थक संवाद किया।
संगोष्ठी में उत्तराखंड की योग और आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा, प्राकृतिक संसाधनों तथा स्वास्थ्य एवं वेलनेस के क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन विशेषताओं के चलते उत्तराखंड Integrative Medicine के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होने की क्षमता रखता है।
इस दिशा में हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय, आयुष मंत्रालय और ICMR-NIRDH के बीच हुआ समझौता ज्ञापन (MoU) महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके माध्यम से शोध, नवाचार, शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य और नई तकनीकों के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
संगोष्ठी में कहा गया कि यह पहल केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि चिकित्सा के विभिन्न ज्ञान-तंत्रों को एक साझा मंच पर लाकर ‘One Health, One Humanity’ की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड से शुरू होने वाला यह प्रयास देश में एकीकृत चिकित्सा का नया मॉडल विकसित करने में सहायक होगा। इसके सकारात्मक परिणाम भविष्य में भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता को लाभ पहुंचा सकते हैं।

















