उत्तराखण्ड
जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर सीएमओ ने ज्योलिकोट क्षेत्र का किया निरीक्षण




प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश, पानी की जांच व क्लोरीनेशन पर जोर
नैनीताल, 01 सितंबर 2026। जल जनित रोगों की स्थिति की जानकारी लेने और उनकी रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नैनीताल डॉ. रश्मि पंत ने मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सीएमओ ने निर्देश दिए कि ज्योलिकोट क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर प्रतिदिन अलग-अलग जगह स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि प्रभावित एवं संभावित मरीजों की जांच कर उन्हें समय पर उपचार और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने क्षेत्र में ओआरएस, जिंक, एल्बेंडाजोल सहित आवश्यक दवाओं का पर्याप्त वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पानी के नमूनों की नियमित जांच कराने और आवश्यकतानुसार क्लोरीनेशन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, रोग से पीड़ित मरीजों की नियमित काउंसलिंग कर उन्हें बीमारी से बचाव, उपचार और आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने गांजा, छड़ा एवं ज्योलिकोट क्षेत्र का भ्रमण कर मौके पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं तथा जल जनित रोगों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य टीमों को क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहकर लोगों की जांच करने और आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं दवाएं उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने बताया कि 02 सितंबर को छड़ा, वीरभट्ठी, ज्योलिकोट एवं सड़ियाताल में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ आवश्यकतानुसार दवाओं का वितरण और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया जाएगा।
सीएमओ ने कहा कि यदि किसी मरीज की स्थिति गंभीर अथवा आपातकालीन पाई जाती है तो उसे 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से बीडी पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल, बेस चिकित्सालय हल्द्वानी अथवा सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी रेफर किया जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
वर्तमान में बेलवाखान, ब्लूटी, छड़ा, गांजा, चोपड़ा, कृष्णापुर, वीरभट्ठी एवं गेठिया क्षेत्रों में जल जनित रोगों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिला सर्विलांस अधिकारी की टीम लगातार क्षेत्र की निगरानी करेगी। वहीं, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रतिदिन की रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी।
पानी उबालकर पीने की अपील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि पानी को अच्छी तरह उबालकर ही पिएं। फल एवं सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोने के बाद ही इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि उल्टी-दस्त, पेट दर्द, बुखार अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराकर चिकित्सकीय परामर्श लें।
उन्होंने कहा कि जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहेंगी। रोग की स्थिति पर प्रतिदिन निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं एवं दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
निरीक्षण के दौरान डॉ. हेमंत मर्तोलिया, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी भीमताल, डॉ. गर्वित, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ज्योलिकोट एवं डॉ. मनोज कांडपाल, जिला सर्विलांस अधिकारी सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं चिकित्सालय स्टाफ मौजूद रहा।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जनपद नैनीताल

















