उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रमों के चतुर्थ चरण का समापन






पवनीत सिंह बिंद्रा
हल्द्वानी, 06 नवम्बर। भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रमों के चतुर्थ चरण का शुक्रवार को समापन हो गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में 2 से 6 नवम्बर तक आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षार्थियों के लिए विभिन्न शैक्षणिक, साहित्यिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं शिक्षार्थियों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
समापन समारोह में चतुर्थ चरण की संयोजक एवं सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी विद्याशाखा की निदेशक प्रो. रेनू प्रकाश ने पांच दिवसीय आयोजन की गतिविधियों की जानकारी देते हुए प्रतियोगिताओं की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (CIQA) के निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे ने राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ की रचना और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में भी इस गीत की प्रासंगिकता और महत्ता बरकरार है। वहीं, निदेशक अकादमिक प्रो. पी.डी. पंत ने गीत के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को स्वतंत्रता की विरासत और भारतीय सभ्यता के सांस्कृतिक ताने-बाने से जोड़ते हुए इसके राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित किया।
कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने सभी को पर्व एवं उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए आगामी दीक्षांत समारोह की तैयारियों को लेकर अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और तत्परता से निर्वहन करने का आह्वान किया।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया सम्मानित समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। क्विज प्रतियोगिता में प्रियंका भट्ट एवं सोनी जोशी ने संयुक्त रूप से प्रथम, संदीप तोमर ने द्वितीय तथा अशुगीत मुकुल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में रीमा प्रथम, हंशिका शाह द्वितीय तथा रोशन कुमार तृतीय स्थान पर रहे।।रंगोली प्रतियोगिता में प्रियंका भट्ट ने प्रथम, लक्षिता देवपा एवं सरिता ने द्वितीय तथा रेनु भट्ट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं ज्योति नौला, रुचि डालाकोटी, तनु, कविता एवं सीमा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। निबंध प्रतियोगिता में प्रियंका भट्ट प्रथम, ज्योति नौला द्वितीय तथा सागर उप्रेती तृतीय स्थान पर रहे। गायन प्रतियोगिता में विनोद बिष्ट ने प्रथम, महेश ने द्वितीय तथा संदीप सिंह सोढ़ी ने तृतीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव खेमराज भट्ट ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, संयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।।विश्वविद्यालय में आयोजित इन पांच दिवसीय कार्यक्रमों में क्विज, सामान्य ज्ञान, रंगोली, निबंध एवं गायन प्रतियोगिताओं के माध्यम से कुल 74 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। आयोजन ने शिक्षार्थियों को अपनी बौद्धिक, साहित्यिक, कलात्मक एवं रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ ही राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने और राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।





