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उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में रोजगार एवं कौशल विकास पर विशेषज्ञ व्याख्यान, 125 से अधिक शिक्षार्थियों ने किया प्रतिभाग

हल्द्वानी, 02 नवम्बर। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में शिक्षार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने तथा उनमें व्यावसायिक दक्षताओं का विकास करने के उद्देश्य से प्रबन्ध अध्ययन एवं वाणिज्य विद्याशाखा की ओर से आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (CIQA) के सहयोग से ऑनलाइन विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। “कैरियर कनेक्ट लाइव: प्लेसमेंट एवं रोजगार क्षमता पर विशेषज्ञ व्याख्यान शृंखला” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में 125 से अधिक शिक्षार्थियों ने प्रतिभाग कर करियर निर्माण और कौशल विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबन्ध अध्ययन एवं वाणिज्य विद्याशाखा के निदेशक प्रो. गगन सिंह के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी समझ और व्यावसायिक कौशल में भी दक्ष होना होगा। रोजगारपरक शिक्षा समय की आवश्यकता है और विद्यार्थियों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए।

इस अवसर पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (CIQA) के निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पांडे ने शिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए सही दिशा में मार्गदर्शन, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और कौशल विकास बेहद जरूरी हैं। वहीं, निदेशक अकादमिक प्रो. पी.डी. पंत ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए रोजगारपरक शिक्षा को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया और अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ता डॉ. आशीष गुप्ता, सह-कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ता डॉ. आशीष गुप्ता, सह-प्राध्यापक, महर्षि विश्वविद्यालय, नोएडा परिसर ने करियर निर्माण एवं रोजगार क्षमता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने करियर का चयन करते समय अपनी रुचियों, क्षमताओं और योग्यताओं का सही आकलन करना चाहिए। आज के तेजी से बदलते व्यावसायिक परिवेश में वही युवा बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं, जो निरंतर सीखने के साथ नए कौशल विकसित करते हुए स्वयं को समय के अनुरूप अद्यतन रखते हैं।

उन्होंने शिक्षार्थियों को सलाह दी कि वे केवल डिग्री और प्रमाणपत्र हासिल करने तक सीमित न रहें, बल्कि संचार कौशल, समस्या समाधान, व्यावहारिक ज्ञान और कार्यक्षमता को भी विकसित करें। इन दक्षताओं के माध्यम से वे न केवल अपने व्यक्तिगत करियर को नई दिशा दे सकते हैं, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान कर सकते हैं।

विशेषज्ञ व्याख्यान के बाद प्रश्नोत्तर एवं संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षार्थियों ने करियर चयन, रोजगार के नए अवसरों तथा विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक कौशलों को लेकर विशेषज्ञ से सवाल पूछे। विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंत में वाणिज्य विभाग की सहायक आचार्य डॉ. प्रिया महाजन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने विशेषज्ञ वक्ता, विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सभी शिक्षार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल और व्यावसायिक दक्षताओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की।

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