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उत्तराखण्ड

UTDB बोर्ड बैठक – कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का मास्टरस्ट्रोक: साहसिक खेलों और आध्यात्मिक पर्यटन को दी वैश्विक रफ्तार ।


अजय सिंह
देहरादून। उत्तराखण्ड को दुनिया का अग्रणी पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया गया है। देहरादून स्थित पर्यटन मुख्यालय (आईएचएम गढ़ीकैंट) में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) की 24वीं बोर्ड बैठक का सफल आयोजन किया गया। सूबे के माननीय पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के पर्यटन परिदृश्य को बदलने वाले सभी 20 एजेंडा बिंदुओं को सर्वसम्मति से हरी झंडी दे दी गई।
इस रणनीतिक बैठक में पर्यटन सचिव व सीईओ (UTDB) श्री धीराज सिंह गर्ज्याल (IAS), एसीईओ श्री संदीप तिवारी (IAS), केएमवीएन के प्रबंध निदेशक श्री विनीत तोमर (IAS) सहित वित्त, परिवहन और ऊर्जा विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और गैर-सरकारी बोर्ड सदस्यों ने हिस्सा लिया।
“उत्तराखण्ड प्रकृति, अध्यात्म और रोमांच का एक अद्भुत संगम है। बोर्ड बैठक के ये ऐतिहासिक निर्णय हमारे राज्य को दुनिया के सबसे पसंदीदा एडवेंचर और स्पिरिचुअल टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करेंगे।” – श्री सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री, उत्तराखण्ड
अंतरराष्ट्रीय पटल पर उत्तराखण्ड: कॉन्क्लेव और फूड फेस्टिवल की तैयारी
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग के लिए तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को मंजूरी दी गई है:
ATOAI नेशनल कन्वेंशन (कौसानी): उत्तराखण्ड में पहली बार आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देश-विदेश के 500 से अधिक पर्यटन विशेषज्ञ जुटेंगे।
उत्तराखण्ड इंटरनेशनल पर्यटन कॉन्क्लेव (देहरादून, नवंबर 2026): IATO के सहयोग से होने वाले इस आयोजन में देशभर के नामचीन टूर ऑपरेटर्स, होटल चेन्स और ट्रैवल एजेंट्स शिरकत करेंगे।
ग्लोबल फूड फेस्टिवल (देहरादून/रामनगर): ‘इंडियन फेडरेशन ऑफ क्युलिनरी एसोसिएशन’ के माध्यम से देवभूमि के पारंपरिक व्यंजनों और खान-पान की अनूठी विरासत को वैश्विक मंच मिलेगा।
इंटरनेशनल रिवर राफ्टिंग फेस्टिवल (टॉन्स नदी): इसके जरिए टॉन्स नदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर के साहसिक पर्यटन केंद्र के रूप में प्रमोट किया जाएगा।
एडवेंचर कैलेंडर 2026-27′ को मिली हरी झंडी
राज्य में सालभर साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 18 बड़े आयोजनों का कैलेंडर स्वीकृत किया गया है। इसमें जल, थल और नभ (हवाई) से जुड़े रोमांचक खेल शामिल हैं:
प्रमुख आकर्षण: नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा मैराथन, आदि कैलाश परिक्रमा रन, माउंटेन बाइकिंग (MTB) चैलेंज, नेशनल कायाकिंग/कैनोइंग चैंपियनशिप, औली विंटर कार्निवल और टिहरी एक्रो फेस्टिवल।
अन्य आयोजन: ट्रेक ऑफ द ईयर, पर्वतारोहण अभियान, नायर वैली फेस्टिवल, कॉर्बेट पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल के साथ-साथ दयारा और मुंस्यारी विंटर कार्निवल।
डेस्टिनेशन प्लान: तीन बड़े आध्यात्मिक केंद्रों का कायाकल्प
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तीन विशिष्ट आध्यात्मिक स्थलों के नियोजित विकास के लिए विशेषज्ञ कंसलटेंट नियुक्त किए जाएंगे:

त्रियुगीनारायण मंदिर रुद्रप्रयाग शिव-पार्वती विवाह स्थल के रूप में विख्यात; यहाँ डेस्टिनेशन वेडिंग सुविधाओं का बुनियादी ढांचा तैयार होगा।
कार्तिक स्वामी मंदिर रुद्रप्रयाग भगवान कार्तिकेय के इस हिमालयी धाम में शानदार ट्रेकिंग ट्रेल और तीर्थयात्री सुविधाओं को निखारा जाएगा।
कैंची धाम नैनीताल  

रोजगार की नई राह: 3,121 स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण
उत्तराखण्ड के युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा कौशल विकास कार्यक्रम स्वीकृत किया गया है। इसके तहत 3,121 स्थानीय युवाओं को निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी:
माउंटेनियरिंग (पर्वतारोहण) और हाई-एल्टीट्यूड गाइड कोर्स।
स्कीइंग, वॉटर स्कीइंग, व्हाइट वॉटर कायाकिंग और रिवर राफ्टिंग।
वाइल्डरनेस फर्स्ट एड (आपातकालीन चिकित्सा) और व्यावहारिक कौशल विकास (Behavioural Skills)।
सुशासन और सुरक्षा: होम-स्टे अनुदान में वृद्धि और राफ्टिंग नियमों में सुधार
पर्यटकों की सुरक्षा के लिए ‘CPR’ अनिवार्य
साहसिक खेलों के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सभी गाइडों (विशेषकर रिवर राफ्टिंग गाइड्स) के लिए सीपीआर (CPR) कोर्स अनिवार्य कर दिया गया है।
ट्रेकिंग-ट्रैक्शन होम-स्टे अनुदान में बंपर बढ़ोतरी
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और ट्रेकर्स को बेहतर सुविधाएं देने के लिए वित्तीय सहायता को अपग्रेड किया गया है:
नया निर्माण अनुदान: ₹60,000 से बढ़ाकर अब ₹1,00,000 प्रति यूनिट किया गया (अधिकतम ₹5 लाख प्रति क्लस्टर)।
कमरा मरम्मत अनुदान: ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 किया गया।
इसके अलावा, 10 से 15 मुख्य ट्रेकिंग रूटों पर कम्युनिटी सेंटर्स का निर्माण किया जाएगा।
रिवर राफ्टिंग/कायाकिंग नियमावली 2014 में बड़ा संशोधन
नदियों में सुरक्षित और अनुशासित पर्यटन के लिए नियमों को कड़ा किया गया है। अब गाइडों की पात्रता, लाइसेंस रिन्यूअल प्रक्रिया, आयु सीमा और अनिवार्य सुरक्षा उपकरण (जैसे Type-V लाइफ जैकेट और हेलमेट) को लेकर नए कड़े प्रावधान लागू होंगे। नियमों के उल्लंघन या दुराचार पर भारी जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह बोर्ड बैठक उत्तराखण्ड में पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और जन-केंद्रित पर्यटन के नए युग की शुरुआत है। ये दूरगामी निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकताओं और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रयासों के अनुरूप राज्य की आर्थिकी को एक नई ऊंचाई प्रदान करेंगे।

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News Reporter - Khalsa News Nation

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