उत्तराखण्ड
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों के सम्मान पर जले श्रद्धा के दीप

इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। संस्था के उपाध्यक्ष लोकेश कुमार साहू एवं सचिव नन्दकिशोर आर्या ने संयुक्त रूप से कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, पराक्रम, उत्कृष्ट रणकौशल और अटूट कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में पाकिस्तान के साथ हुए कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने अपने अद्वितीय शौर्य का परिचय देते हुए 26 जुलाई को ऐतिहासिक विजय प्राप्त कर देश का तिरंगा शान से लहराया।
उन्होंने कहा कि इस विजय के पीछे भारतीय सैनिकों का सर्वोच्च बलिदान निहित है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। भारतीय सैनिक विषम परिस्थितियों और हजारों फीट की ऊंचाई पर अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, तभी देशवासी सुरक्षित वातावरण में अपने जीवन और त्योहारों का आनंद ले पाते हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान को स्मरण रखना और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक भारतीय का नैतिक कर्तव्य है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू, उपाध्यक्ष लोकेश कुमार साहू, सचिव नन्दकिशोर आर्या, कोषाध्यक्ष बलराम हालदार, मार्गदर्शिका पूर्णिमा रजवार, अलका टंडन, मनीषा आर्या, मीना जोशी, मनीष साहू, प्रशांत अग्रहरि, नीम गोस्वामी, आशा दरम्वाल, महेश साहू, हर्षित आर्या, विनीत टंडन, सोनू साहू, मीरा श्रोत्रिय, जानकी कश्यप, गिरीश चन्द लोहानी, प्रयाग दत्त जोशी, हरीश आर्या, संदीप यादव, रजत दिवाकर, सूरज मिस्त्री, सुशील राय, अरविंद कुमार, अमित गोस्वामी, कुमार सूरज कुम्हार, मुकेश कुमार सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।


