Connect with us

उत्तराखण्ड

संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन कोजन कल्याण सेवा के लिए किया गया सम्मानित,,

पवनीत सिंह बिंद्रा

हल्द्वानी , 30 अगस्त, 2024:- सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में कार्यरत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन को समाज कल्याणार्थ विवांता होटल, द्वारका, दिल्ली में आयोजित सी. एस. आर. शिखर सम्मेलन के 11वें संस्करण के पुरस्कार समारोह में यू.बी.एस. फोरम द्वारा वर्ष के सबसे प्रभावशाली एन. जी. ओ. के रूप में सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सम्मानित अर्वाड को प्राप्त करने हेतु संत निरंकारी मण्डल के सचिव परम् आदरणीय श्री जोगिन्दर सुखीजा उपस्थित हुए जिन्होंने इस गौरवशाली सम्मान को प्राप्त करते हुए कहा कि संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन को प्राप्त हुए इस प्रकार के अनेक विशेष पुरस्कार, विभिन्न सामाजिक और धर्मार्थ प्रयासों में किए जा रहे उसके प्रभावशाली कार्यों को उजागर करते हैं जो सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी की अनमोल एवं प्रेरणादायक शिक्षाओं का ही सुंदर परिणाम है। निसंदेह यह क्षण हम सभी के लिए एक गौरवमयी पल है।

सन् 2010 में स्थापित संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन समाज के हर क्षेत्र में अपनी कल्याणकारी परियोजनाओं को क्रियान्वित कर अपनी सकारात्मक भूमिका निभा रहा है जिनमें स्वास्थ्य क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न चैरिटेबल अस्पताल, डिस्पेंसरी, फिजियोथेरेपी, दंत चिकित्सा, नेत्र चिकित्सा केन्द्र, डायग्नोस्टिक लैब इत्यादि सेवाएं उपलब्ध करवायी गयी है जिनसे अभी तक लाखों की संख्या में लोग सुविधाएं प्राप्त कर चुके है। इन्हीं सेवाओं के अंतर्गत संत निरंकारी हेल्थ सिटी प्रोजेक्ट के निर्माण का कार्य प्रगति पर है जो मानवता एवं एकत्व के सुंदर भाव पर समर्पित है।

शिक्षा क्षेत्र के अंतर्गत विद्यालय, कॉलेज एवं युवाओं हेतु विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण केन्द्र जैसे निरंकारी इंस्टीयूट ऑफ म्यूजिक एंड आर्ट, निःशुल्क शिक्षा केंद्र, लाईब्रेरी इत्यादि विशेष है।

यूनाईडेट नेशन एस डी जी न0-6 लक्ष्य के अंतर्गत महाराष्ट्र के सायवन इलाके में सन्त निरंकारी चैरिटेबल फाऊण्डेशन द्वारा चलाये जा रहे जल संरक्षण परियोजना के अतंर्गत तीन सीमेंट नाला बांध का निर्माण कर इस अति पिछड़ें इलाके में यहाँ की जनजाति के लिए अनेक कार्य शुरू किये गए ओर उनकी मूल जल सम्बंधित परेशानी को दूर किया गया जिसमें लगभग 30 हजार के करीब स्थानीय आदिवासी जनों को लाभ प्राप्त हो रहा है।

प्रकृति संरक्षण हेतु अनेक परियोजनाओं को एस एन सी एफ द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है जिसमें जल संरक्षण हेतु ‘प्रोजेक्ट अमृत’ एवं प्राकृतिक संतुलन हेतु ‘वननेस वन’ जैसी परियोजना संचालित की जा रही हैं ताकि पृथ्वी का संरक्षण किया जा सके।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत एस. एन. सी. एफ. के स्वयंसेवकों द्वारा एक इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से मिशन द्वारा किए गए विभिन्न प्रभावशाली कार्यों को भी प्रदर्शित किया गया।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
Continue Reading
You may also like...

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page