Connect with us

उत्तराखण्ड

नैनीताल: मल्लीताल पुलिस चौकी में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, टैक्सी–बाइक–रिक्शा चालकों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश,,

नैनीताल जिले के मल्लीताल पुलिस चौकी परिसर में बुधवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन नैनीताल पुलिस और परिवहन विभाग के संयुक्त सहयोग से किया गया, जिसमें मुख्य रूप से मल्लीताल क्षेत्र के टैक्सी चालक, रेंटल बाइक चालक तथा नगर पालिका के रिक्शा चालकों को आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रैफिक सब‑इंस्पेक्टर (TSI) श्री हरीश सिंह फर्त्याल ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में एआरटीओ जितेंद्र सिंहवान उपस्थित रहे।टैक्सी, बाइक व रिक्शा चालकों की भागीदारीकार्यक्रम में मल्लीताल क्षेत्र के टैक्सी चालकों ने विशेष रूप से भाग लिया, जो पर्यटकों को नैनीताल झील, मल्लीताल, तिफनी और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाने का काम करते हैं। इसके साथ‑साथ क्षेत्र में किराये पर बाइक उपलब्ध कराने वाले रेंटल बाइक चालकों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

नगर पालिका के रिक्शा चालकों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लेकर सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दोहराया। आयोजकों का कहना है कि इन चालकों की भागीदारी से सड़क सुरक्षा संदेश न केवल स्थानीय नागरिकों तक, बल्कि पर्यटकों तक भी आसानी से पहुंचेगा।

एआरटीओ ने बताए सड़क सुरक्षा नियम व प्रथम उपचार के तरीकेए आरटीओ जितेंद्र सिंहवान ने कार्यक्रम के दौरान चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों से विस्तृत रूप से अवगत कराया। उन्होंने सीट बेल्ट, स्पीड लिमिट, ट्रैफिक संकेतों का पालन, नशे में वाहन चलाने की सख्त मनाही और मोबाइल फोन के उपयोग पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की प्राथमिक सहायता के तरीके स्पष्ट किए। इसमें घायल को बिना अनावश्यक खींचातानी के स्थिर रखना, आपातकालीन नंबर (112/100/108) पर संपर्क करना, घायल को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करना जैसे बुनियादी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की।एआरटीओ ने भारत सरकार की Good Samaritan नीति, राहा वीर योजना और घायलों के लिए कैशलेस इलाज योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने चालकों को आश्वासन दिया कि यदि कोई भी व्यक्ति दुर्घटना स्थल पर घायल की मदद करता है, तो उसे कानूनी डर के बजाय सरकारी संरक्षण मिलेगा। इन योजनाओं के बारे में जागरूक करने का उद्देश्य यह है कि चालक दुर्घटना के समय डरकर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से कार्य करें

।TSI फर्त्याल ने हेलमेट के महत्व पर जोर दियाट्रैफिक सब‑इंस्पेक्टर हरीश सिंह फर्त्याल ने कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा नियमों की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने ओवरस्पीडिंग, ट्रैफिक संकेतों की अनदेखी, नशे में वाहन चलाना और अनुमति के बिना गलत दिशा में चलने जैसे उल्लंघनों के गंभीर परिणामों के बारे में चेतावनी दी। उन्होंने चालकों को यह भी समझाया कि नियमों का पालन न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए, बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है।

TSI फर्त्याल ने हेलमेट (HELMET) के उपयोग की आवश्यकता को रोचक और सरल तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि बाइक या स्कूटर चलाते समय हेलमेट पहनने से सिर की गंभीर चोट और मस्तिष्क आघात की संभावना काफी कम हो जाती है। उन्होंने चालकों से आग्रह किया कि वे न केवल खुद हेलमेट पहनें, बल्कि पीछे बैठने वाले यात्री को भी हेलमेट देने की व्यवस्था करें। उन्होंने यह भी बताया कि हेलमेट न पहनने पर वाहन चालक के खिलाफ यातायात नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।कार्यक्रम का उद्देश्य व भविष्य की योजनाआयोजकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करना और चालकों के बीच सुरक्षित वाहन चालन की संस्कृति को मजबूत करना है। नैनीताल पुलिस ने संकेत दिया है कि आगे भी टैक्सी, बाइक और रिक्शा चालकों के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। साथ ही ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर निगरानी और चालान काटने की कार्रवाई भी जारी रखी जाएगी, ताकि नैनीताल को एक सुरक्षित और अनुशासित यातायात वाला शहर बनाया जा सके।

ADVERTISEMENTS Ad

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page