उत्तराखण्ड
रेखा वर्मा ने सिख समाज से संवाद करके मोदी सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों व सुझाव लिए

बैठक की अध्यक्षता स्थानिय समर्पित नेताओं ने की जिसमें रेखा वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और सामाजिक सुदृढ़ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर उनकी अपेक्षाओं, सुझावों और समस्याओं को सुनना है ताकि विकसित भारत व विजन 2027 के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। रेखा वर्मा ने दौरे के दौरान विभिन्न समुदायों से संवाद का हवाला देते हुए बताया कि राठौर, जैन, कुर्मी व जसवाल समाज सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा की गई और उनसे सरकार की नीतियों में सुधार के सुझाव मांगे गए।
सिख समाज के प्रतिनिधियों ने भी सरकार की योजनाओं पर अपने विचार रखे और विकसित भारत के निर्माण में सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बैठक में उपस्थित भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, पूर्व महापौर जोगिंदर सिंह रौतेला, पेजल निगम के उपाध्यक्ष दर्जा राज्य मंत्री दिनेश आर्य, भारतभूषण चुग तथा अन्य कई गणमान्य व्यक्ति रहे। सिख समाज के सदस्यों ने स्थानीय विकास एवं सामुदायिक जरूरतों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण अनुरोध रेखा वर्मा के समक्ष रखे।
प्रमुख माँगों में काठगोदाम से अमृतसर तक विशेष ट्रेन चलाने की मांग शामिल थी, जिससे तीर्थयात्रा और व्यापारिक संपर्कों को बढ़ावा मिलेगा। दूसरी बड़ी मांग नजूल नीति को सरल बनाने की रही, ताकि जमीन संबंधी योजनाओं और लाभार्थियों को आसानी से लाभ मिल सके। उपस्थित प्रतिनिधियों ने यह भी सुझाव दिया कि सर्किल रेट पर विचार करते हुए पारिवारिक स्तर पर लोगों को इसका लाभ पहुँचाने के उपाय किए जाएँ।
इस अवसर पर काठगोदाम मॉडल के उपाध्यक्ष गगनदीप सिंह कोहली, हरजीत सिंह सच्चर, चरणजीत सिंह, तरनजीत सिंह सभरवाल, सुरेन्द्र सिंह गुजराल, जसपाल मालदार, परमजीत सिंह, अमरजीत सिंह बंटी, प्रभजोत सिंह, बलवीर सिंह, जसपाल सिंह, अवनीत सिंह, रुपप्रीत चंडोक, कुलबीर सिंह व दविंदर कोहली सहित कई अन्य समाजसेवी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के समापन पर सिख समाज ने रेखा वर्मा को सिरोपा और अमृतसर की फोटो देकर सम्मानित किया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया।
रेखा वर्मा ने कहा कि प्राप्त सुझावों और फीडबैक को पार्टी संगठन व संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा ताकि स्थानीय समस्याओं के समाधान एवं नीतिगत सुधारों पर विचार किया जा सके। उन्होंने समुदायों के बीच संवाद और सहयोग को विकसित भारत की दिशा में अहम बताया और अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान प्राप्त सुझावों को विजन 2027 के एजेंडे में शामिल करने का आश्वासन दिया।
