उत्तराखण्ड
गंगा संरक्षण को लेकर प्रशासन सख्त, अपशिष्ट प्रबंधन और एसटीपी कार्यों में तेजी के निर्देश

अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदियों में छोड़े जाने वाले जल को पूरी तरह शुद्ध एवं स्वच्छ बनाया जाए, ताकि गंगा नदी को प्रदूषण से बचाया जा सके। उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण प्रणाली को नियमित एवं सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
बैठक में कैंचीधाम सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से परियोजना की अद्यतन जानकारी प्राप्त करते हुए निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि जिला गंगा समिति से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक माह नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए, जिससे योजनाओं की प्रभावी निगरानी एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में सदस्य सचिव एवं प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम राशि भूषण साह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आयुष नेगी, पर्यावरण कार्यकर्ता चन्दन सिंह नयाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
