उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में गुणवत्ता और नवाचार को मिली नई दिशा, कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी के एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण

हल्द्वानी,,,उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के आन्तरिक गुणवत्ता आश्वासन केन्द्र (CIQA) की चतुर्थ बैठक शनिवार को विश्वविद्यालय मुख्यालय में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में गुणवत्ता संवर्धन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), NAAC मानकों, डिजिटल शिक्षा, शोध एवं संस्थागत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी के 24 जुलाई 2025 से 24 जुलाई 2026 तक के एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों पर आधारित विशेष वृत्तचित्र प्रदर्शित किया गया। साथ ही ‘प्रगति, परिवर्तन और नई ऊँचाइयाँ’ शीर्षक से तैयार प्रगति आख्या का लोकार्पण एवं प्रस्तुतीकरण भी किया गया। विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया में मिली प्रमुखता का भी दस्तावेजी प्रदर्शन किया गया।
अनुसंधान एवं CIQA निदेशक प्रो. गिरिजा पाण्डे ने विश्वविद्यालय की स्थापना से अब तक की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कुलपति के सफल एक वर्षीय कार्यकाल पर उन्हें बधाई दी तथा आगामी NAAC मूल्यांकन के लिए सभी हितधारकों से सहयोग का आह्वान किया। CIQA के अपर निदेशक प्रो. गगन सिंह ने पिछले मूल्यांकन के बाद किए गए सुधारात्मक प्रयासों, गुणवत्ता संवर्धन कार्यक्रमों और एक वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
विशेष सत्र में उच्च शिक्षा, गुणवत्ता आश्वासन, डिजिटल शिक्षा एवं संस्थागत विकास पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। इग्नू, नई दिल्ली के CIQA निदेशक प्रो. विजय कुमार ने कहा कि गुणवत्ता आश्वासन पूरी संस्था की सामूहिक जिम्मेदारी है और इससे विद्यार्थियों के नामांकन एवं शैक्षणिक प्रदर्शन में भी सुधार होता है। उन्होंने इको-टूरिज्म, स्वदेशी ज्ञान आधारित पाठ्यक्रमों तथा MOOCs जैसे नवीन कार्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के पूर्व प्रति-कुलपति प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता ने विश्वविद्यालय द्वारा 12 MOOC पाठ्यक्रमों के शुभारम्भ की सराहना करते हुए अनुसंधान, प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण, अभिलेख प्रबंधन, पूर्व छात्र नेटवर्क और सहभागी शासन व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।
बैठक में वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना की समीक्षा, वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित कार्ययोजना, AQAR एवं NAAC दिशा-निर्देश, आईटी अवसंरचना, परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली के आधुनिकीकरण, शोध गतिविधियों के विस्तार तथा विभिन्न नीतियों के पुनरावलोकन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि प्रथम वर्ष की उपलब्धियाँ पूरे विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं। उन्होंने आगामी वर्ष में गुणवत्ता आश्वासन, डिजिटल परिवर्तन, शोध एवं नवाचार, कौशल विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और छात्र सहायता सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता देने की बात कही।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शशांक शुक्ल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. गगन सिंह ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रो. सोमेश कुमार, प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. दिगर सिंह फर्स्वाण, प्रो. जीतेन्द्र पाण्डे, डॉ. आशुतोष भट्ट सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक का समापन विश्वविद्यालय को गुणवत्ता, पारदर्शिता, नवाचार और उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ


