उत्तराखण्ड
लोक भवन में शोक: राज्यपाल ने पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (से नि) के निधन पर जताया दुःख

मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (से नि) का निधन (यहाँ यदि आप चाहें तो कारण और समय जोड़ें)। वे राज्य सेवा और सार्वजनिक जीवन दोनों में सक्रिय रहे।
वे सेना में लंबे समय तक सेवा करने के बाद सार्वजनिक प्रशासन और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हुए तथा उत्तराखण्ड के विकास संबंधी कई पहलों में भूमिका निभाई।
उनके नेतृत्व में सार्वजनिक नीतियों और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष बल रहा, जिनके प्रभाव आज भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में देखे जा सकते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि मेजर जनरल खंडूड़ी का जीवन देश-सेवा और जन-सेवा का आदर्श प्रस्तुत करता है।
उन्होंने परिवार व समीपस्थों के प्रति सांत्वना व्यक्त करते हुए कहा कि जनता भी शोक में उनके साथ खड़ी है।
राज्यपाल ने दिवंगत के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके सिद्धांत व मूल्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
मेजर जनरल खंडूड़ी द्वारा शुरू की गई प्रमुख परियोजनाएँ और पहलें: (यदि आप चाहें तो मैं यहाँ उनकी प्रमुख नीतियाँ, योजनाएँ और परियोजनाओं की सूची जोड़ दूँगा—उदाहरण के तौर पर अवसंरचना विकास, शिक्षा/स्वास्थ्य योजनाएँ, सैनिक पुनर्वास पहल इत्यादि)।
उनका एक अतुलनीय योगदान सैनिक मूल्यों को आम नागरिकों तक पहुँचाने में भी रहा, जिससे राज्य में अनुशासन और सार्वजनिक सेवा की भावना को बल मिला।
राज्यपाल के बयान ने मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (से नि) के सार्वजनिक और सैनिक जीवन को सम्मानपूर्वक याद किया। उनके योगदान का प्रभाव आम जनता और सरकारी संस्थानों में दीर्घकालिक रहेगा, और उनके अनुयायी व नागरिक उनकी शिक्षाओं व कार्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे।
