उत्तराखण्ड
शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई की निंदा, लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान की मांग
- नई दिल्ली। प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने जंतर-मंतर से संसद तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर निकाले गए छात्र मार्च पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संगठन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले, पानी की बौछार और बड़ी संख्या में छात्रों, युवाओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जिसमें कई लोग घायल हुए।
संगठन का कहना है कि लोकतंत्र में छात्रों और युवाओं को अपनी बात रखने, सरकार से सवाल पूछने और शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के नेता प्रभात ध्यानी को आंदोलन में शामिल होने से पहले ऋषिकेश से हिरासत में लिए जाने तथा परिवर्तनकामी छात्र संगठन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह पर प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की भी निंदा की है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक आंदोलनों में भाग लेने वाले सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना उचित नहीं है।
संगठन ने कहा कि छात्र और युवा देश का वर्तमान और भविष्य हैं तथा उनकी आवाज़ को दमन, लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों से दबाया नहीं जा सकता। संगठन के अनुसार इतिहास बताता है कि शिक्षा, सामाजिक न्याय और रोजगार से जुड़े आंदोलनों को दमन के बल पर समाप्त नहीं किया जा सकता।
प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए मांग की है कि हिरासत में लिए गए सभी आंदोलनकारियों को तत्काल रिहा किया जाए, घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। रजनी जोशी महासचिव, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र मो.: 9758210962


