उत्तराखण्ड
भीमताल में ‘बाखली’ ग्राम दुकान बनी महिला आत्मनिर्भरता की नई मिसाल

। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भीमताल में नई मजबूती मिली है। विकासखंड भीमताल में 19 मई 2026 को “बाखली” नामक ग्राम दुकान का शुभारंभ किया गया, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और रोजगार का नया केंद्र बनकर उभरी है।
नाबार्ड के सहयोग से स्थापित इस ग्राम दुकान का संचालन “दक्ष स्वयं सहायता समूह” को सौंपा गया है, जबकि इसका क्रियान्वयन मेनवस संस्था द्वारा किया जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 50 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
“बाखली” ग्राम दुकान में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को प्रदर्शित और विक्रय के लिए रखा गया है। इनमें ऐपण कला आधारित उत्पाद, रिंगाल शिल्प, जूट उत्पाद, अचार, शहद, मोटे अनाज (मिलेट्स), दालें, सिलबट्टे का पिसा नमक और अन्य पारंपरिक खाद्य सामग्री प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन उत्पादों की खरीद स्थानीय समूहों से कर उन्हें बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे महिलाओं को सीधे आय का स्रोत मिल रहा है।
परियोजना के अंतर्गत नाबार्ड द्वारा दो वर्षों तक अनुदान सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें दुकान का किराया, विक्रय महिला का मानदेय, प्रशिक्षण और आधारभूत संरचना के विकास की व्यवस्था शामिल है। इस पहल से न केवल महिलाओं के कौशल विकास को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि उन्हें बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने और पारंपरिक उत्पादों के संरक्षण व विपणन को भी नई दिशा मिल रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में “बाखली” ग्राम दुकान एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यह पहल मुख्यमंत्री धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखंड के विज़न को साकार करते हुए ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर खोल रही है।
