Connect with us

उत्तराखण्ड

सूचना, संवाद और समाधान — उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय का जन संवाद कार्यक्रम

हल्द्वानी, 29 अगस्त 2026। पारदर्शी, भरोसेमंद और सहभागी संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा 29 अगस्त 2026 को ऑनलाइन ज़ूम मीटिंग के माध्यम से “जन संवाद कार्यक्रम” के प्रथम चरण का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का Facebook, Instagram एवं YouTube पर @UOULive के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया। विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो “हैलो हल्द्वानी 91.2 FM” ने भी कार्यक्रम के संचालन एवं प्रसारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

“सूचना, संवाद और समाधान” की संकल्पना पर आधारित इस कार्यक्रम की थीम “शिक्षा, अवसर और विश्वास — मिलकर करें उत्कृष्ट विश्वविद्यालय का निर्माण” रही। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय ने अपने शिक्षार्थियों एवं समस्त हितधारकों से सीधे संवाद स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त किया। जन संवाद कार्यक्रम को तीन चरणों की श्रृंखला के रूप में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें प्रथम चरण आज सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारम्भ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी के अध्यक्षीय उद्घाटन उद्बोधन से हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं अनुभागों की संरचना तथा उनकी कार्यप्रणाली का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय अपने प्रत्येक शिक्षार्थी को गुणवत्तापूर्ण एवं श्रेष्ठ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उनके अनुसार, जन संवाद कार्यक्रम इसी प्रतिबद्धता की एक जीवंत अभिव्यक्ति है, जो विश्वविद्यालय और शिक्षार्थियों के बीच खुले, ईमानदार एवं भरोसेमंद संवाद की मजबूत नींव तैयार करता है।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं अनुभागों का परिचय विशेषज्ञ प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रवेश अनुभाग से डॉ. सुमित प्रसाद, क्षेत्रीय सेवा निदेशालय से प्रो. एम. एम. जोशी, अध्ययन सामग्री निर्माण एवं वितरण तथा अकादमिक निदेशालय से प्रो. पी. डी. पन्त, परीक्षा अनुभाग से प्रो. सोमेश कुमार, शोध अनुभाग से प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्लेसमेंट सेल से डॉ. अखिलेश सिंह तथा पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन विद्याशाखा से प्रो. राकेश चंद्र रयाल ने अपने-अपने विभागों की कार्यप्रणाली, उपलब्ध सेवाओं और शिक्षार्थियों के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण जानकारियों का संक्षिप्त एवं स्पष्ट परिचय दिया।

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण एवं जीवंत पक्ष जन संवाद एवं प्रश्नोत्तर सत्र रहा। इसका संचालन विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो “हैलो हल्द्वानी” से श्री अनिल नैलवाल एवं श्रीमती सोनू भट्ट ने किया। उन्होंने शिक्षार्थियों द्वारा भेजे गए 27 से अधिक प्रश्नों को विशेषज्ञ पैनल के समक्ष रखा।

शिक्षार्थियों के प्रश्न विभिन्न व्यावहारिक एवं शैक्षणिक विषयों से संबंधित थे। इनमें प्रमुख रूप से प्रवेश प्रक्रिया एवं लेटरल एंट्री, परीक्षा एवं पूर्व वर्षों के प्रश्न-पत्र, अध्ययन केन्द्र, पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकों की उपलब्धता, प्लेसमेंट, शैक्षणिक कक्षाएँ, शोध कार्यक्रम, शोध हेतु पुस्तकों एवं सॉफ्टवेयर की उपलब्धता, नवीन पाठ्यक्रम, भुगतान संबंधी समस्याएँ तथा शिक्षार्थियों से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारियाँ शामिल थीं। नेपाल के शिक्षार्थियों की ओर से भी प्रवेश प्रक्रिया एवं शोध के अवसरों से संबंधित प्रश्न प्राप्त हुए, जिनका विशेषज्ञ पैनल द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।

विशेषज्ञ पैनल ने शिक्षार्थियों के प्रश्नों का तत्परता एवं स्पष्टता के साथ उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासाओं और समस्याओं का समाधान किया। विशेषज्ञों ने शिक्षार्थियों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.uou.ac.in नियमित रूप से देखने, FAQ अनुभाग का उपयोग करने तथा “Student One View” पोर्टल का अधिकाधिक लाभ उठाने की सलाह दी।

कार्यक्रम के सुचारु तकनीकी एवं मीडिया संचालन में विश्वविद्यालय की ICT टीम एवं मीडिया टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। दोनों टीमों के कुशल समन्वय से ऑनलाइन प्रसारण एवं लाइव प्रश्नोत्तर सत्र निर्बाध रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का समापन डॉ. सुमित प्रसाद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

जन संवाद कार्यक्रम उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा आरम्भ की गई एक नवीन एवं दूरदर्शी पहल है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय और उसके शिक्षार्थियों, शोधार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकगण, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों एवं अन्य हितधारकों के बीच पारदर्शी, विश्वसनीय एवं त्वरित संवाद का प्रभावी सेतु स्थापित करना है। इस मंच के माध्यम से शिक्षार्थी अपने प्रश्न, सुझाव एवं समस्याएँ सीधे विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के समक्ष रख सकते हैं और उनका समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

विश्वविद्यालय की ओर से जन संवाद कार्यक्रम के आगामी दो चरण भी शीघ्र आयोजित किए जाने प्रस्तावित हैं, जिससे संवाद की इस प्रक्रिया को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाया जा सके।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page