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उत्तराखण्ड

राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस आज, शुरुआती पहचान से संभव है कैंसर का प्रभावी उपचार

राज्य कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. के.सी. पांडे ने लोगों से की समय पर जांच कराने की अपील, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर दिया जोर

हल्द्वानी, 6 नवंबर। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के अवसर पर 7 नवंबर को लोगों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है। इस अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के राज्य कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. के.सी. पांडे ने कहा कि कैंसर से बचाव और उसके प्रभावी उपचार की दिशा में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण कदम है। बीमारी की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार से मरीजों को बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि लोगों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों के प्रति सजग रहना चाहिए। शरीर में किसी भी प्रकार की असामान्यता दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जांच करानी चाहिए।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

डॉ. पांडे ने बताया कि शरीर के किसी भी अंग में गांठ होना, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना, लंबे समय तक खांसी रहना, लगातार थकान महसूस होना, शरीर में कोई घाव लंबे समय तक ठीक न होना, असामान्य रक्तस्राव, निगलने में परेशानी तथा त्वचा पर मौजूद तिल या मस्से के आकार और रंग में बदलाव कैंसर के संभावित लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों का होना हर बार कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक बने रहने पर चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।

आधुनिक उपचार पद्धतियों से मिल रही बेहतर सुविधा

उन्होंने बताया कि कैंसर का उपचार उसकी प्रकृति, प्रकार और अवस्था के आधार पर किया जाता है। वर्तमान समय में सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और टारगेटेड थेरेपी जैसी आधुनिक उपचार पद्धतियां उपलब्ध हैं। यदि कैंसर की पहचान शुरुआती अवस्था में हो जाए तो उपचार के बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

तंबाकू और धूम्रपान से बनाएं दूरी

डॉ. पांडे ने कहा कि तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान से दूरी बनाकर, संतुलित खानपान अपनाकर, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से कैंसर के कई जोखिमों को कम किया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं से विशेष रूप से स्तन कैंसर एवं गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की नियमित जांच के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

अंत में उन्होंने कहा कि कैंसर को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है। कैंसर से जूझ रहे मरीजों को मानसिक और सामाजिक सहयोग दिया जाना चाहिए, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ बीमारी का सामना कर सकें। कैंसर से डरने के बजाय जागरूक रहना, समय पर जांच कराना और उचित उपचार लेना ही इस बीमारी से मुकाबले का सबसे प्रभावी तरीका है।

आलोक उप्रेती, जनसंपर्क अधिकारी, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी ,,

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