उत्तराखण्ड
नशे के खिलाफ युवाओं ने लिया संकल्प, गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्रों को दिलाई नशा मुक्ति की शपथ
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर में शनिवार को ‘विकसित भारत मिशन’ के तहत ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर एवं विभिन्न छात्रावासों के छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य छात्र सलाहकार प्रो. मदन मोहन सेमवाल ने कहा कि युवाओं को हर प्रकार के व्यसन से स्वयं को दूर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे का दुष्प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवार, समाज और देश के विकास पर भी गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के नशा मुक्त भारत अभियान के नोडल अधिकारी प्रो. जय प्रकाश भट्ट ने सामूहिक संकल्प की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह दृढ़ निश्चय करना होगा कि वह स्वयं नशा नहीं करेगा और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के समन्वयक डॉ. राकेश सिंह नेगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए देशवासियों से नशा मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वस्थ, सक्षम और सशक्त युवा पीढ़ी आवश्यक है। युवाओं की सक्रिय सहभागिता और सकारात्मक ऊर्जा देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, संकाय सदस्य, NSS स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और देश को नशा मुक्त बनाने के सामूहिक संकल्प को दोहराया।


















