उत्तराखण्ड
दान सिंह बिष्ट ‘मालदार’ की स्मृति में उद्यमिता पुरस्कार शुरू करने की उठी मांग

हल्द्वानी। स्वर्गीय श्री दान सिंह बिष्ट ‘मालदार’ की 62वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 10 सितंबर को हिमश्री फाउंडेशन एवं न्यू मोंटेसरी स्कूल, हल्द्वानी के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन ‘पुण्यतिथि स्मृति व्याख्यान एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नॉर्वे से प्रसिद्ध इतिहासकार एवं पूर्व आचार्य डॉ. अनिल जोशी मुख्य वक्ता तथा पूर्व आचार्या डॉ. नीता बोरा शर्मा विशिष्ट वक्ता के रूप में शामिल हुईं।
स्मृति व्याख्यान में वक्ताओं ने कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए दान सिंह बिष्ट ‘मालदार’ द्वारा अनुदानित विभिन्न प्रकल्पों और उनके सामाजिक सरोकारों का उल्लेख करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य वक्ता डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि ‘मालदार’ जी के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने अगली पुण्यतिथि पर उनके जीवन और कृतित्व पर आधारित एक बड़ा और सजीव कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता बताई।
विशिष्ट वक्ता डॉ. नीता बोरा शर्मा ने दान सिंह बिष्ट ‘मालदार’ से जुड़ी अनेक स्मृतियों का उल्लेख करते हुए उन्हें काव्यात्मक श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. बी.एस. कालाकोटी ने कहा कि उनके कृतित्व और समाजसेवा से प्रेरणा लेते हुए नए स्टार्टअप और नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने दान सिंह बिष्ट ‘मालदार’ के नाम पर उद्यमिता पुरस्कार शुरू किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. नवीन शर्मा ने कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं का सारगर्भित परिचय प्रस्तुत किया। इससे पूर्व कार्यक्रम के संयोजक डॉ. हरी एस. बिष्ट ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं आयोजन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। अंत में उन्होंने सभी वक्ताओं एवं उपस्थित गणमान्य लोगों का आभार व्यक्त किया।
ऑनलाइन कार्यक्रम में अमेरिका से प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. पूरन बोरा, प्रोफेसर अरविंद जोशी, प्रोफेसर एस.डी. शर्मा, ब्रिगेडियर बलवंत सिंह चौहान, भारत नंदन फुलोरिया, प्रो. सैय्यद अली हामिद, प्रोफेसर दिनेश भट्ट, प्रोफेसर दीपक पालीवाल, डॉ. तेजपाल सिंह, किरण तिवारी, डॉ. कमलेश भाकुनी, डॉ. हेम चंद्र पांडे, निदेशक पिथौरागढ़ परिसर, अमेरिका से मनोज जोशी सहित वैदिक भारती के सदस्य एवं अनेक शोधार्थी छात्र उपस्थित रहे।

















