उत्तराखण्ड
ज्योलिकोट में जल जनित रोगों पर स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर, जांच से उपचार तक बढ़ाई निगरानी



नैनीताल, 11 सितंबर। ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और उपचार व्यवस्था तेज कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों द्वारा घर-घर सर्वे, स्वास्थ्य परीक्षण, सैंपलिंग, दवा वितरण और जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शुक्रवार को विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में 163 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 98 लोगों की जांच की गई, जिनमें आवश्यकता के अनुसार 13 मरीजों को भर्ती किया गया।
जिलाधिकारी के सहयोग से उपलब्ध कराई गई रैपिड किट के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सैंपलिंग की गई। इस दौरान 65 ब्लड सैंपल लिए गए। पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए भी चार पानी के सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा सचल चिकित्सा वाहन के माध्यम से 43 लोगों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं वितरित की गईं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जल जनित रोगों से बचाव के लिए लोगों को ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां वितरित की जा रही हैं। साथ ही लोगों को स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और रोगों से बचाव के संबंध में आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श एवं जागरूकता दी जा रही है।
ज्योलिकोट पीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी ओपीडी सेवाएं
सीएमओ के निर्देश पर शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में साईं हॉस्पिटल हल्द्वानी के विशेषज्ञ चिकित्सक तथा बृजलाल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मुकेश कुमार ने ओपीडी सेवाएं दीं। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जल जनित रोगों से प्रभावित मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया।
12 सितंबर को भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी
क्षेत्र के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 12 सितंबर को पीएचसी ज्योलिकोट में सिटी नर्सिंग होम एंड रिसर्च सेंटर, हल्द्वानी के वरिष्ठ एमडी फिजिशियन डॉ. जे.सी. भंडारी एवं उनकी टीम विशेष ओपीडी सेवाएं प्रदान करेगी। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रवासियों से विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
प्रभावित क्षेत्रों में लगातार लग रहे स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट और भल्यूटी-चोपड़ा सहित प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ आवश्यक दवाओं का वितरण और जल जनित रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
स्वास्थ्य टीमों को घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने, नियमित निगरानी रखने और किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण पाए जाने पर तत्काल उपचार एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला और बेस अस्पताल में बेहतर उपचार के निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बी.डी. पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल और बेस चिकित्सालय हल्द्वानी में जल जनित रोगों से ग्रसित मरीजों को बेहतर उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित अस्पतालों को मरीजों और उनके परिजनों को उपचार के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न होने देने के लिए कहा गया है।
सीएमओ ने कहा कि इन अस्पतालों में उपचार अथवा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर मरीज या उनके परिजन सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

















