उत्तराखण्ड
ज्योलिकोट प्रभावितों को मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में निःशुल्क उपचार


आयुष्मान कार्ड की अनिवार्यता नहीं, जरूरत पड़ने पर सुशीला तिवारी अस्पताल किया जाएगा रेफर
नैनीताल, 20 सितंबर 2026। ज्योलिकोट एवं आसपास के जलजनित रोग प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत की खबर है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि प्रभावित मरीजों को राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, हल्द्वानी में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। उपचार के लिए मरीजों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके लिए आयुष्मान कार्ड होना अनिवार्य नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर गंभीर अथवा अधिक लक्षण वाले मरीजों को बेहतर उपचार के लिए सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, हल्द्वानी रेफर किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर ज्योलिकोट और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण, जांच, उपचार और जनजागरूकता अभियान चला रही हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर, 164 से अधिक लोगों की जांच
बेलवाखान, गांजा और ज्योलिकोट में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में 87 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और जरूरत के अनुसार दवाएं वितरित की गईं। इस दौरान 22 लोगों के ब्लड टेस्ट, 69 लोगों की काउंसलिंग तथा 14 लोगों को टेली-कंसल्टेंसी की सुविधा दी गई। वहीं सचल चिकित्सा वाहन के माध्यम से खुपी क्षेत्र में 43 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में भी 34 लोगों की जांच की गई, जिनमें से एक मरीज को उपचार के लिए भर्ती किया गया।
पेयजल के 11 क्लोरीनेशन सैंपल सही मिले
डॉ. परमजीत सिंह, एचओडी मेडिसिन विभाग, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी तथा नंदन कांडपाल, एपिडेमियोलॉजिस्ट, आईडीएसपी नैनीताल ने ज्योलिकोट स्थित नैंसी कॉन्वेंट कॉलेज एवं पीपीजेएसवी विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान पेयजल के क्लोरीनेशन से संबंधित 11 सैंपल लिए गए, जो सही पाए गए। इसके अलावा हाइड्रोजन सल्फाइड जांच के लिए दो सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट 24 घंटे बाद प्राप्त होगी।
डॉ. परमजीत सिंह ने विद्यालय में भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को विशेष स्वच्छता बरतने, भोजन तैयार करने से पहले और बाद में हाथों को अच्छी तरह साफ करने तथा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
हेपेटाइटिस-ए के मामले घटे, गंभीर मरीजों को किया जाएगा रेफर
डॉ. परमजीत सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में मरीजों को दिए जा रहे उपचार और लैब जांच रिपोर्टों का भी विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि मरीजों को उचित दिशा में उपचार दिया जा रहा है तथा जांच में हेपेटाइटिस-ए के मामले अब काफी कम सामने आ रहे हैं।
उन्होंने पीएचसी के चिकित्सकों को निर्देश दिए कि गंभीर अथवा अधिक लक्षण वाले मरीजों को आवश्यकता के अनुसार सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, हल्द्वानी रेफर किया जाए, ताकि उन्हें समय पर बेहतर उपचार मिल सके।
होटल-होमस्टे संचालकों को स्वच्छता बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने ज्योलिकोट क्षेत्र के होटल एवं होमस्टे संचालकों से भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। संचालकों से कहा गया है कि अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों एवं संबंधित लोगों की स्वास्थ्य जांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में अवश्य कराएं। पेयजल, भोजन की स्वच्छता और परिसर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि जलजनित रोगों के संक्रमण की रोकथाम की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य परीक्षण, दवाओं का वितरण, जल स्रोतों की जांच, क्लोरीनेशन और जनजागरूकता का अभियान लगातार जारी है।
नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से उबला हुआ पानी पीने, खाना खाने और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने तथा घर एवं आसपास साफ-सफाई रखने की अपील की है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस और ताजा भोजन का सेवन करने की सलाह दी गई है। बच्चों का नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच तथा डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की स्क्रीनिंग कराने पर भी जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, भूख कम लगना, आंखों अथवा पेशाब में पीलापन, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट पहुंचकर जांच एवं उपचार कराएं।
सावधानी ही बचाव है—स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें।

















