उत्तराखण्ड
कांग्रेस की ‘भूमि बचाओ यात्रा’ पर भाजपा का हमला, विनोद चमोली बोले- जनता की जमीन बचा रही भाजपा, कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन बचाए

कांग्रेस की सरकारों पर चार दर्जन से अधिक भूमि घोटालों को बढ़ावा देने का आरोप, भाजपा ने सख्त भू-कानून और 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि कब्जामुक्त कराने को बताया अपनी उपलब्धि
धोलास, नैनीसार और ऊधमसिंह नगर के भूमि मामलों का हवाला देकर कांग्रेस की मंशा पर उठाए सवाल
देहरादून, 3 नवंबर। उत्तराखंड में कांग्रेस की प्रस्तावित ‘भूमि बचाओ यात्रा’ को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की इस यात्रा पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश करार दिया है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने आरोप लगाया कि जिस कांग्रेस ने अपने शासनकाल में प्रदेश में भूमाफिया संस्कृति को बढ़ावा दिया और भूमि आवंटन से जुड़े विवादों एवं घोटालों को जन्म दिया, आज वही पार्टी भूमि बचाने के नाम पर यात्रा निकालकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में विनोद चमोली ने कहा कि कांग्रेस को भूमि बचाओ यात्रा निकालने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल में भूमि आवंटन के कई विवाद सामने आए, जबकि भाजपा सरकार ने सख्त भू-कानून लागू करने के साथ ही अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि को बचाने का काम किया है।
चमोली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की इस यात्रा का वास्तविक उद्देश्य प्रदेश में हो रहे निवेश, रोजगार के बढ़ते अवसरों और पर्यटन सहित विकास कार्यों को बाधित करना तथा उन्हें बदनाम करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को निवेश, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के प्रयासों का कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है।
धोलास की जमीन और नैनीसार प्रकरण उठाकर कांग्रेस को घेरा
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुए भूमि आवंटन के मामलों का उल्लेख करते हुए राजधानी देहरादून के धोलास क्षेत्र का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि एनडी तिवारी सरकार के कार्यकाल में शेखुल्ला एजुकेशनल ट्रस्ट को करीब 20 एकड़ भूमि रियायती दरों पर आवंटित की गई थी। चमोली के अनुसार, बाद में इस भूमि पर प्लॉटिंग हुई और जमीन कई लोगों को बेची गई। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से भूमि आवंटन की प्रक्रिया और उसके बाद हुए लेन-देन पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
इसी तरह उन्होंने अल्मोड़ा के नैनीसार में जिंदल ग्रुप से जुड़े एक एजुकेशनल ट्रस्ट को करीब सात हेक्टेयर यानी 17 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित किए जाने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि उस समय स्थानीय लोगों ने भूमि आवंटन का विरोध किया और इसके खिलाफ लंबा संघर्ष किया। मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां स्थानीय लोगों को राहत मिली।
चमोली ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस की सरकार अपने कार्यकाल में शिक्षा और पर्यटन के नाम पर जमीन आवंटित करती थी, तब उसे निवेश और विकास का नाम दिया जाता था, लेकिन भाजपा सरकार जब प्रदेश में निवेश और विकास को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाती है तो कांग्रेस उसका विरोध करने लगती है। उन्होंने इसे कांग्रेस का दोहरा मापदंड बताया।
भाजपा सरकार के भू-कानून को बताया ऐतिहासिक कदम
विनोद चमोली ने कहा कि उत्तराखंड में भूमि की सुरक्षा को लेकर भाजपा सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भू-कानून को सख्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के कार्यकाल में बनाए गए भू-कानून का भी उल्लेख किया।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान धामी सरकार ने नए भू-कानून के माध्यम से जमीनों की खरीद-फरोख्त पर नियंत्रण लगाने और प्रदेश की भूमि को अनधिकृत तरीके से हस्तांतरित होने से रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक गतिविधियों की आड़ में अवैध रूप से कब्जाई गई 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को भाजपा सरकार ने मुक्त कराने का काम किया है। इसके अलावा हल्द्वानी के वनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की करीब 80 एकड़ भूमि को मुक्त कराने की प्रक्रिया में भी सरकार निर्णायक रूप से आगे बढ़ रही है।
57 भूमि आवंटनों का किया जिक्र, एक रुपये में जमीन देने का लगाया आरोप
भाजपा विधायक ने प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में हुए भूमि आवंटनों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड में भूमि आवंटन की एक लंबी श्रृंखला रही है। उनके अनुसार, एनडी तिवारी सरकार के समय से प्रदेश में करीब 57 भूमि आवंटन हुए, जिनमें 52 गढ़वाल और पांच कुमाऊं क्षेत्र में बताए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें कई मामलों में जमीन बेहद कम कीमतों पर आवंटित की गई। कुछ मामलों में एक रुपये और 120 से 125 रुपये जैसी दरों पर भी भूमि दिए जाने की बात सामने आई। उन्होंने ऊधमसिंह नगर के एनएच भूमि मुआवजा प्रकरण का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इसमें बाजार दर से कई गुना अधिक मुआवजा दिया गया।
चमोली ने कहा कि कांग्रेस की पहली निर्वाचित सरकार के समय प्रदेश के संसाधनों का पारदर्शी उपयोग करने के बजाय निजी हितों को प्राथमिकता दी गई। नियमों को ताक पर रखकर अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के आरोप भी उन्होंने लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इन व्यवस्थाओं को सुधारने और भूमि की अनियमित खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की दिशा में गंभीर प्रयास किए हैं।
पहाड़ों में निवेश और रोजगार के विरोध का लगाया आरोप
चमोली ने कहा कि उत्तराखंड का गठन पर्वतीय क्षेत्रों के विकास, पलायन रोकने और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हुआ था। इसके लिए प्रदेश में उद्योगों, शिक्षा संस्थानों, पर्यटन सुविधाओं और कृषि क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में प्रदेश के औद्योगिक विकास को प्रभावित किया। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा उत्तराखंड को दिए गए औद्योगिक पैकेज का उल्लेख करते हुए कहा कि बाद में केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार के दौरान इसे बंद कर दिया गया, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चाहती है कि पहाड़ों में निवेश आए, खाली होते गांव फिर से आबाद हों, स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार मिले और पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो। लेकिन कांग्रेस की भूमि बचाओ यात्रा इन विकास कार्यों को बदनाम करने का प्रयास है।
कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रही है : चमोली
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की यात्रा का उद्देश्य उत्तराखंड की जमीन बचाना नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक जमीन बचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के कार्यकाल में हुए भूमि आवंटनों और कथित अनियमितताओं को भूली नहीं है। केवल नारों और यात्राओं के माध्यम से जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के विकास कार्यों और नीतियों पर भरोसा बनाए रखेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा का संकल्प है कि जनता के सहयोग से उत्तराखंड की जमीन को किसी भी कीमत पर खुर्द-बुर्द नहीं होने दिया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, मीडिया सह प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी, प्र
देश प्रवक्ता हनी पाठक एवं कमलेश रमन भी मौजूद रहे।





