उत्तराखण्ड
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर चतुर्थ चरण का भव्य शुभारंभ


पवनीत सिंह बिंद्रा
हल्द्वानी, 2 नवंबर। राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी में सोमवार को विशेष आयोजनों की श्रृंखला के चतुर्थ चरण का उत्साह एवं देशभक्ति के वातावरण में शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत 2 नवंबर से 6 नवंबर तक विभिन्न शैक्षणिक, बौद्धिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय गीत के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ ही उनमें राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजन की संयोजक प्रो. रेनू प्रकाश ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षार्थियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ का गायन किया। सामूहिक गायन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम के भाव से सराबोर नजर आया। उपस्थित लोगों ने राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए देश की एकता, अखंडता और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्रो. पी.डी. पंत ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना और जनजागरण का एक सशक्त प्रतीक रहा है। इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी शिक्षार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों से प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ प्रतिभाग करने की अपील की।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट ने भी कार्यक्रम को सामूहिक सहभागिता के साथ उत्साहपूर्वक मनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी आयोजन की सफलता सभी की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। ऐसे कार्यक्रम विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को समृद्ध बनाने के साथ ही विद्यार्थियों में रचनात्मकता, जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य से कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
पहले दिन ‘वन्दे मातरम्’ विषय पर आयोजित हुई क्विज प्रतियोगिता
आयोजन के प्रथम दिन राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर आधारित क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें कुल 16 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को राष्ट्रीय गीत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका तथा देश में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना के विकास में इसके योगदान से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
क्विज प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. विनोद कुमार रहे। आयोजन मंडल के सदस्य डॉ. लता जोशी, सुश्री प्रिया बोरा, डॉ. अरुषि ध्यानी, डॉ. दीप प्रकाश, डॉ. दिनेश कांडपाल एवं डॉ. गोपाल गौनिया भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में अपनी सहभागिता निभाई।
6 नवंबर को गायन प्रतियोगिता के साथ होगा पुरस्कार वितरण
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 नवंबर को सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, 4 नवंबर को चित्रकला प्रतियोगिता और 5 नवंबर को निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं, 6 नवंबर को गायन प्रतियोगिता के आयोजन के साथ ही समारोह का समापन होगा। इसी दिन विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान कर प्रोत्साहित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षार्थियों को केवल प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना ही नहीं, बल्कि उन्हें देश के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय विरासत के प्रति जागरूक बनाना भी है। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, आपसी एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और देशभक्ति की भावना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।।विश्वविद्यालय का यह आयोजन शिक्षा के साथ राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय चेतना को जोड़ने की दिशा मेंएक सराहनीय प्रयास है।





