उत्तराखण्ड
उत्तराखंड: जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियों की समीक्षा हेतु प्रधान जनगणना अधिकारियों का ऑनलाइन सम्मेलन
उ

जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों को जनगणना के दूसरे चरण से संबंधित गतिविधियों, आवेदनों और पोर्टलों की दी गई जानकारी
सभी जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी और उपजिलाधिकारी ऑनलाइन सम्मेलन में हुए शामिल
जनगणना ड्यूटी के लिए कार्मिकों की सुव्यवस्थित तैनाती हेतु उत्तराखंड सरकार की एसओपी पर हुई चर्चा
विभाग जनगणना ड्यूटी के लिए कार्मिकों की तैनाती से इनकार नहीं कर सकते; अनुपालन न करने वाले विभागों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी
नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों, इसके लिए एक से अधिक शिक्षकों वाले विद्यालयों को जनगणना ड्यूटी के लिए प्राथमिकता
जनगणना ड्यूटी से छूट के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच हेतु मेडिकल बोर्ड गठित किए जाएंगे
देहरादून। जनगणना 2027 के दूसरे मुख्य चरण (जनसंख्या गणना) की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को प्रदेश के प्रधान जनगणना अधिकारियों—जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों—के साथ ऑनलाइन सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में सभी जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों, अपर जिलाधिकारियों, मुख्य शिक्षा अधिकारियों और उपजिलाधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों को मुख्य चरण के दौरान की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के साथ-साथ जनगणना कार्यों से संबंधित आवेदनों और पोर्टलों की विस्तृत जानकारी दी गई।�
प्रतिभागियों को जनगणना संबंधी कार्यों के लिए कार्मिकों की सुव्यवस्थित तैनाती हेतु उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान स्पष्ट किया गया कि जनगणना अधिनियम और राज्य सरकार की एसओपी के प्रावधानों के अनुसार कोई भी विभाग जनगणना कार्य के लिए कार्मिक उपलब्ध कराने से इनकार नहीं कर सकता। निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले विभागों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।�
कार्मिकों की प्रभावी तैनाती के लिए यथासंभव उन्हें उनके तैनाती स्थल के निकट के ब्लॉकों में ड्यूटी आवंटित की जाएगी। साथ ही, शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी के लिए एक से अधिक शिक्षकों वाले विद्यालयों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया, ताकि विद्यालयों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां बाधित न हों।�
सम्मेलन में चिकित्सकीय आधार पर जनगणना ड्यूटी से छूट की मांग करने वाले कार्मिकों के आवेदनों की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि छूट के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच और प्रस्तुत चिकित्सकीय आधार का आकलन करने हेतु मेडिकल बोर्ड गठित किए जाएंगे।�
सम्मेलन ने जिला एवं नगर निकाय स्तर के अधिकारियों को जनगणना के मुख्य चरण की तैयारियों की समीक्षा करने, संचालन संबंधी प्रक्रियाओं को स्पष्ट करने तथा पूरे उत्तराखंड में जनगणना कार्यों के समन्वित एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक साझा मंच प्रदान किया।�
पृष्ठभूमि: जनगणना का शेड्यूल (उत्तराखंड)
केंद्र सरकार ने चुनाव-पूर्व तैयारियों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड (हिमाच्छादित क्षेत्रों को छोड़कर), उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा में जनसंख्या गणना का समय आगे बढ़ाया है:
स्व-गणना विंडो: 16–30 नवंबर 2026
दरवाजा-दरवाजा जनगणना: 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027
रिविजनल राउंड: 5–9 जनवरी 2027
रेफरेंस डेट: 5 जनवरी 2027, 00:00 बजे

















