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उत्तराखण्ड

यू ओ यू को जल्‍द मिल सकती है यू जी सी ‘12 बी’ की मान्यता।,

· सात सदस्‍यीय टीम ने किया दो दिवसीय ऑनलाइन निरीक्षण। विश्‍वविद्यालय को है मान्‍यता मिलने की उम्‍मीद कार्यक्रमों को संचालित करने में मिलेगी स्‍वायतता

शिक्षक कर पायेंगे केन्‍द्रीय स्‍तर पर व यूजीसी के रिसर्च प्रोजेक्‍ट हेतु आवेदन

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुदान पाने का इंतजार अब जल्‍द खत्‍म होगा। यूजीसी ‘12 बी’ की मान्‍यता के लिए यूजीसी की सात सदस्‍यीय टीम ने 19 और 20 दिसम्‍बर को विश्‍वविद्यालय मुख्‍यालय में ऑनलाइन निरीक्षण किया।

विश्वविद्यालय में यूजीसी की टीम द्वारा दो दिवसीय वर्चुअल निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य विश्वविद्यालय को ‘12 बी’ की मान्‍यता देना था। किसी भी विश्‍वविद्यालय को शोध एवं नवाचार के लिए माना जाता है, इसके साथ ही अकादमिक क्षेत्र में गुणवत्‍ता लाने के लिए भी अनुदान की आवश्‍यकता होती है। विश्‍वविद्यालयों में शोध व नवाचार तथा अकादमिक गतिविधियों में गुणवत्‍ता लाने के लिए अनुदान की आवश्‍यकता होती है, यूजीसी इस क्षेत्र में अनुदान तभी देती है जब विश्‍वविद्यालय यूजीसी के ‘12 बी’ की मान्‍यता प्राप्‍त कर चुकी हो। ‘12 बी’ की मान्‍यता के लिए विश्‍वविद्यालय की भौतिक संरचना, मानव संसाधन, अकादमिक गतिविधियों के साथ- साथ प्रशासनिक व्‍यवस्‍था का भी मूल्‍यांकन किया जाता है। इसी मूल्‍यांकन के लिए यूजीसी की सात सदस्‍यीय टीम ने विश्‍वविद्यालय के तमाम भवनों, निदेशालयों, विभागों, अनुभागों व प्रकोष्‍ठों का ऑनलाइन निरीक्षण किया। दो दिवसीय निरीक्षण में टीम ने दूसरे दिन सभी विद्याशाखाओं के निदेशक, विभागाध्‍यक्ष, समन्‍वयक व शिक्षकों तथा कार्मिकों से ऑनलाईन वार्तालाप कर सभी का फीडबैक लिया तथा समस्‍त विद्याशाखाओं में संचालित कार्यक्रमों, उनके उद्देश्‍य, उनमें पंजीकृत शिक्षार्थियों की संख्‍या तथा विभाग में कार्यरत शिक्षकों की जानकारी ली। इसके साथ ही विश्‍वविद्यालय में कार्यरत सभी कार्मिकों से भी फीडबैक लिया गया तथा उनके कार्य व समस्‍याओं की जानकारी ली गई।

ऑनलाईन निरीक्षण में यूजीसी की ओर से विशेषज्ञ कमेटी के चेयरमैन प्रोफेसर केदार सिंह की अध्‍यक्षता में छ: अन्‍य सदस्‍य प्रोफेसर पंकज श्रीवास्तव, प्रोफेसर डी. एस. गुरु, प्रोफेसर उदय शंकर दीक्षित, डॉ. अजीत यादव और प्रोफेसर एच.सी.एस राठौर सदस्य थे। डॉ. अमोल एम आंध्रे इसके कोऑर्डिनेशन ऑफिसर रहे। यह वर्चुअल निरीक्षण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ओम प्रकाश सिंह के नेतृत्व में सम्‍पन्‍न हुई। कुलपति ने कहा कि उन्‍हें उम्‍मीद है कि विश्‍वविद्यालय इस निरीक्षण में खरा उतरेगा और विश्‍वविद्यालय को यूजीसी से 12 बी की मान्‍यता मिलेगी।

समस्‍त निरीक्षण कार्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट तथा विश्‍वविद्यालय के निदेशक अकादमिक प्रो. पी. डी. पंत के संयोजन में सम्‍पन्‍न हुआ। इस अवसर पर विश्‍वविद्यालय के वरिष्‍ठ प्रोफेसर डॉ. गिरीजा पाण्‍डेय, प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. मदन मोहन जोशी, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार, प्रो. जितेन्‍द्र पाण्‍डेय, प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. डिगर सिंह, प्रो. राकेश रयाल, प्रो. कमल देवलाल, प्रो. विश्वविद्यालय के 12 बी के नोडल अधिकारी प्रो. गगन सिंह आशुतोष भट्ट, डॉ. शंशाक शुक्‍ल, डॉ. पी.के. सहगल, प्रशासनिक अधिकारी पी.एस. परिहार व अन्‍य अधिकारी, शिक्षक व कार्मिक मौजूद रहे ।

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