उत्तराखण्ड
2.41 लाख के चालान से भड़के ट्रांसपोर्टर, पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप

महासंघ के पदाधिकारियों के अनुसार 21 मई को रानीखेत क्षेत्र में सिविल पुलिस द्वारा एक गुड्स कैरियर वाहन को रोककर कुल 2,41,000 रुपये का चालान किया गया। चालान में 2 हजार रुपये विधिक प्राधिकारी के आदेश की अवहेलना एवं जानकारी न देने के आरोप में लगाए गए, जबकि 2 लाख 39 हजार रुपये ओवरलोडिंग के नाम पर वसूले गए।
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर वाहन में कितना अतिरिक्त वजन था, जिसके आधार पर इतनी बड़ी रकम का चालान किया गया। महासंघ का कहना है कि सामान्य रूप से ओवरलोडिंग पर करीब 7 हजार रुपये का चालान तथा अतिरिक्त वजन पर लगभग 2 हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से जुर्माना निर्धारित होता है। ऐसे में 2.39 लाख रुपये की राशि यह दर्शाती है कि वाहन में करीब 130 टन अतिरिक्त माल होना चाहिए था, जो पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाले वाहनों के लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
महासंघ ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा लगातार ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को परेशान किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि बिना स्पष्ट आधार बताए भारी चालान थोपे जा रहे हैं, जिससे ट्रक मालिकों और ड्राइवरों में भय और नाराजगी का माहौल है।
देवभूमि ट्रक ओनर महासंघ ने मांग की है कि पुलिस प्रशासन सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे कि वाहन में वास्तविक ओवरलोडिंग कितनी थी और चालान की गणना किस आधार पर की गई। संगठन ने कहा कि यदि पारदर्शिता नहीं दिखाई गई तो मामला न्यायालय तक ले जाया जाएगा।
महासंघ ने यह भी आरोप लगाया कि परिवहन व्यवसाय पहले से ही बढ़ती महंगाई, डीजल कीमतों और टैक्स के दबाव से जूझ रहा है, वहीं पुलिस की इस प्रकार की कार्रवाई कारोबारियों के लिए अतिरिक्त परेशानी बन रही है।
संगठन के अध्यक्ष राकेश जोशी ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यातायात नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष जसपाल सिंह कोहली ने कहा कि पुलिस को कार्रवाई से पहले वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए। वहीं कुमाऊं मंडल प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा और ट्रांसपोर्टर नेता पंडित दया किशन शर्मा ने कहा कि यदि इस प्रकार का उत्पीड़न जारी रहा तो पूरे कुमाऊं में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इस विरोध में ललित रौतेला, भास्कर जोशी, ललित पाठक, किशन कोश्यारी, शिव सिंह और विक्रम सिंह बिष्ट सहित कई ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की है।
