उत्तराखण्ड
मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज ने 67 वर्षीय हल्द्वानी मरीज का CRT‑D इम्प्लांटेशन कर लिया सफल इलाज

घटना के विवरण के अनुसार श्रीमती विमला देवी को शुरुआत में बार-बार बेहोशी की शिकायत पर स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज रेफर किया गया। वहां किये गए चिकित्सकीय परीक्षणों में उन्हें कंप्लीट हार्ट ब्लॉक (CHB) और घटकर लगभग 30% रह गई लेफ्ट वेंट्रिकुलर इजेक्शन फ्रैक्शन (LVEF) की पुष्टि हुई — जो गंभीर हार्ट डिसफंक्शन का संकेत था।
डॉक्टरों ने पहले इमरजेंसी टेम्पररी पेसमेकर लगाकर मरीज की स्थिति स्थिर की और विस्तृत मूल्यांकन के बाद CRT‑D इम्प्लांटेशन का निर्णय लिया। CRT‑D एक उन्नत डिवाइस‑आधारित थेरेपी है जिसमें तीन लीड्स हृदय के विभिन्न चैम्बर्स में लगाकर धड़कनों के तालमेल को बहाल किया जाता है, जिससे समग्र पम्पिंग क्षमता में सुधार होता है और जानलेवा अर्रिथमियाओं से सुरक्षा मिलती है।
मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज के कार्डियोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. चयन वर्मानी ने कहा, “कम्प्लीट हार्ट ब्लॉक एक संभावित रूप से जानलेवा स्थिति है। इस मरीज में बार-बार बेहोशी अत्यधिक धीमी हृदय गति का संकेत थी और पहले से घट चुकी हृदय पम्पिंग क्षमता ने स्थिति को जटिल बना दिया था। समय पर रेफरल और उपयुक्त डिवाइस आधारित इंटरवेंशन ने इस मरीज के जीवन और दीर्घकालिक सर्वाइवल को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।”
डॉ. चयन ने आगे बताया कि CRT‑D न केवल धीमी हृदय गति को नियंत्रित करता है, बल्कि हार्ट फेलियर वाले मरीजों में दिल की कार्यक्षमता में भी सुधार कर सकता है और लक्षणों को कम कर देता है। इस केस ने शुरुआती पहचान, समय पर रेफरल और एडवांस कार्डियक केयर की उपलब्धता का महत्त्व दिखाया।
प्रक्रिया के बाद मरीज की स्थिति स्थिर रही और कुछ दिनों में उन्हें छुट्टी दे दी गई। अस्पताल ने कहा है कि यह सफलता मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज की इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी और इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी क्षमताओं तथा बहु-विषयक विशेषज्ञता को दर्शाती है, जिससे उच्च जोखिम वाले कार्डियक मामलों में भी प्रभावी उपचार संभव हो पा रहा है।
