उत्तराखण्ड
रिहायशी इलाकों से हटेंगी कबाड़ की दुकानें, नगर निगम ने जारी किए सख्त आदेश


नगर निगम को लगातार मिल रही शिकायतों में रिहायशी इलाकों में संचालित कबाड़ की दुकानों से स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानियों का उल्लेख किया गया है। शिकायतों के मुताबिक इन दुकानों के आसपास गंदगी फैलने के साथ ही चोरी की घटनाओं और आग लगने का खतरा भी बना रहता है। इसके चलते स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।
नगर निगम के आदेश में कहा गया है कि कबाड़ का व्यवसाय वर्तमान में बड़े व्यवसाय का रूप ले चुका है। ऐसे में रिहायशी क्षेत्रों में कबाड़ की दुकानों के संचालन को लेकर जनसामान्य की ओर से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कबाड़ की दुकानों को शहर से बाहर स्थापित किया जाना आवश्यक हो गया है।
नगर निगम बोर्ड ने इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए रिहायशी क्षेत्रों में संचालित सभी कबाड़ की दुकानों को बंद कर शहर से बाहर खोलने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में नगर क्षेत्र में नई कबाड़ की दुकान नहीं खोले जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नगर आयुक्त ने बोर्ड के प्रस्ताव के अनुपालन में संबंधित अधिकारियों को आबादी क्षेत्र में संचालित कबाड़ की दुकानों को तत्काल बंद करवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का अनुपालन नहीं करने वालों के विरुद्ध नगर निगम अधिनियम, 1959 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नोडल अधिकारी अतिक्रमण और मुख्य सफाई निरीक्षक को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा की गई कार्रवाई से नगर आयुक्त को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश 19 अगस्त 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेश की प्रतिलिपि महापौर, जिलाधिकारी नैनीताल और नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को भी आवश्यक सूचना एवं कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

















