गैस सिलेंडर की कीमती से होटल व्यवसाय चिंतित। 19 किलो वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी किए जाने के बाद होटल व रेस्टोरेंट व्यवसाय बेहद चिंतित हैं, क्योंकि उन पर लागत का बोझ और बढ़ गया है। , नए वित्त वर्ष की शुरुआत में ही कमर्शियल गैस सिलेंडर पहले से कई सौ रुपये महंगा हो चुका है, जिससे होटल व्यवसायियों को रोज की रसोई लागत पर गंभीर दबाव झेलना पड़ रहा है। होटल संचालक ने कहा है कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी समय पर नहीं मिल पा रही, जबकि खाना – बनाने की क्रिया में गैस की खपत काफी अधिक है, जिससे कारोबार चलाना पहले से ज़्यादा मुश्किल हो गया है। कई शहरों की स्थानीय खबरों में यह भी बताया गया है कि गैस की कमी और महंगाई के कारण कुछ होटलों ने नाश्ता–लंच–डिनर की कीमतों में 5–7 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी कर दी है, ताकि अपनी लागत न कटे। , यदि गैस के दाम इसी तरह ऊपर रहते हैं, तो खाने–पीने की चीजों की कीमतें और ऊपर जाने की संभावना बनी हुई है, जिससे सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर असर पड़ेगा। यह बढ़ोत्तरी पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल के चलते की गई है, जबकि घरेलू सिलेंडरों पर फिलहाल सीधा असर नहीं दिख रहा। इस तरह,, कॉमर्शियल गैस की महंगाई ने होटल व्यवसाय को मंदी में धकेल दिया है, और अगर यह स्थिति जारी रही तो आम उपभोक्ता को खाना–पीने के वस्तुओं पर ज़्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।