उत्तराखण्ड
हल्द्वानी आरटीओ कार्यालय पर जिलाधिकारी की अचानक छापेमारी, से दलालों का सफाया एवं पारदर्शिता के दिए सख्त निर्देश,,
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने को कमर कसी, कर्मचारियों को नेमप्लेट-आईकार्ड अनिवार्य, पेंडिंग फाइलें खत्म करने का अल्टीमेटम
हल्द्वानी, 7 फरवरी 2026 उत्तराखंड के हल्द्वानी में परिवहन विभाग के आरटीओ कार्यालय में शुक्रवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने अचानक छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। डीएम के इस सरप्राइज निरीक्षण से न केवल विभागीय अधिकारियों के होश उड़ गए, बल्कि लाइसेंस और वाहन पंजीकरण के नाम पर सक्रिय दलालों में भी खलबली मच गई। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा मानी जा रही है।सभी अनुभागों का गहन निरीक्षण, नेमप्लेट-आईकार्ड अनिवार्य जिलाधिकारी रयाल ने आरटीओ कार्यालय के हर कोने का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने लाइसेंस अनुभाग, वाहन पंजीकरण काउंटर, फाइन कलेक्शन सेक्शन समेत सभी विभागों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारियों के पास नेमप्लेट या आई-कार्ड न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए। डीएम ने कहा, “कर्मचारी की पहचान पारदर्शी होनी चाहिए। कोई भी अज्ञात व्यक्ति कार्यालय में घूमने के लिए स्वतंत्र नहीं।”पेंडिंग कार्य समाप्ति और दलालों पर सख्ती के आदेश डीएम ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी आवेदन या कार्य को लंबा न खींचा जाए। “हर फाइल का समयबद्ध निपटारा हो, पेंडेंसी बर्दाश्त नहीं की जाएगी,” उन्होंने कहा कि । विशेष रूप से दलालों पर निशाना साधते हुए निर्देश दिए कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति ‘जल्दी काम कराने’ के बहाने हस्तक्षेप करता पाया जाता है, तो उसे फौरन परिसर से बाहर किया जाए और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो। यह निर्देश हल्द्वानी जैसे व्यस्त ट्रांसपोर्ट हब में दलाली प्रथा को जड़ से उखाड़ने की दिशा में बड़ा कदम है।सीसीटीवी और रिकॉर्ड सिस्टम को दुरुस्त करने का अल्टीमेटम पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली जांचने के आदेश दिए। कई जगह कैमरे खराब या निष्क्रिय पाए गए, जिस पर तत्काल मरम्मत और पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, सभी रिकॉर्ड्स को डिजिटल रूप से अपडेट रखने और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया। “हर काम का रिकॉर्ड सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हो, ताकि जनता को सुविधा मिले,” रयाल ने कहा।अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाईइस पूरे निरीक्षण के दौरान आरटीओ हल्द्वानी गुरदेव सिंह, एआरटीओ, इंस्पेक्टर समेत परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि अगले 15 दिनों में सभी कमियों को दूर किया जाए, अन्यथा विभागीय कार्रवाई होगी। स्थानीय जनता ने इस कदम का स्वागत किया है, खासकर वे जो लंबे समय से दलाली की शिकायतें करते आ रहे थे।यह छापेमारी हल्द्वानी-नैनीताल संभाग में चल रही ‘क्लीन ट्रांसपोर्ट ड्राइव’ का हिस्सा है, जिसके तहत आने वाले दिनों में अन्य आरटीओ कार्यालयों पर भी इसी तरह की कार्रवाइयां हो सकती हैं। जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सीधे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सेवाएं लें और दलालों से बचें।,,





























