उत्तराखण्ड
फाइलों से नहीं, ईमानदार चेहरों से चलते हैं विभाग – 483 युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटकर बोले यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
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अजय सिंह – वरिष्ठ संवाददाता

प्रतिभा का सम्मान और पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चंद्र खंडूड़ी को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सीएम धामी ने कहा कि स्वर्गीय खंडूड़ी जी हमेशा एक ऐसे उत्तराखंड के पक्षधर थे जहां युवाओं को उनकी काबिलियत के दम पर पहचान मिले। आज का यह आयोजन उसी सपने को धरातल पर उतारने का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति पत्र सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि युवाओं के वर्षों के कठिन परिश्रम, उनके माता-पिता के त्याग और पूरे परिवार के संघर्ष का प्रतिफल है।
सख्त कानून से बदली कार्य संस्कृति
प्रशासनिक सुधारों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य में लागू किया गया देश का सबसे कड़ा ‘नकल विरोधी कानून’ व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाया है। अब धांधली के रास्ते बंद हो चुके हैं और केवल योग्य व ईमानदार युवाओं को ही सरकारी सेवाओं में आने का अवसर मिल रहा है। इस नई और पारदर्शी कार्यसंस्कृति का ही परिणाम है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 33,000 युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ा जा चुका है।
“कोई भी सरकारी महकमा केवल फाइलों या इमारतों से नहीं, बल्कि वहां काम करने वाले कर्मठ और ईमानदार अधिकारियों से जीवंत बनता है।” – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
आर्थिक तरक्की और रिवर्स पलायन के मजबूत आंकड़े
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के आर्थिक विकास के शानदार आंकड़े भी साझा किए:
जीएसडीपी विकास दर: राज्य की विकास दर 7.23 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
प्रति व्यक्ति आय: पिछले चार सालों के भीतर प्रदेशवासियों की प्रति व्यक्ति आय में करीब 41% का उछाल आया है।
बजट का आकार: उत्तराखंड का वार्षिक बजट अब 1 लाख करोड़ रुपये की ऐतिहासिक सीमा को पार कर चुका है।
बेरोजगारी और पलायन पर लगाम: बेरोजगारी दर में भारी कमी दर्ज की गई है। सबसे सुखद पहलू यह है कि अब ‘रिवर्स पलायन’ (गांवों की ओर वापसी) बढ़ रहा है और राज्य का युवा पहाड़ों में ही नई संभावनाएं तलाश रहा है।
विभागीय मंत्रियों ने बढ़ाया उत्साह
इस गौरवशाली क्षण पर कैबिनेट मंत्रियों ने भी युवाओं का मार्गदर्शन किया:
सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि ये नियुक्तियां राज्य के विकास में युवाओं की सीधी भागीदारी की शुरुआत हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग केवल नहरें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे अन्नदाताओं की खुशहाली, जल संचयन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने नवनियुक्त कर्मियों को जीवन के इस नए अध्याय के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कड़े कानूनों के कारण आज हकदार बच्चों को उनका अधिकार मिल रहा है। साथ ही, उन्होंने युवाओं को सरकारी नौकरी के अलावा स्टार्टअप और नए नवाचारों (Innovations) से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया।
इस गरिमामयी अवसर पर विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, महंत दलीप सिंह रावत सहित प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे और युगल किशोर पंत जैसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
