उत्तराखण्ड
ईंधन की कालाबाजारी रोकने और सुरक्षा बनाए रखने हेतु प्रशासन की जनअपील

जनपदवासियों से अपील की गई है कि प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल-डीजल की खरीद एवं उपयोग में जिम्मेदारी दिखाएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता पर्याप्त है तथा व्यवस्थित वितरण सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। ऐसे में नागरिक केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन खरीदें और अनावश्यक भंडारण से बचें।
प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की अवैध जमाखोरी, ड्रमों में छिपाकर भंडारण अथवा ऊंचे दामों पर बिक्री (कालाबाजारी) की सूचना मिले तो इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
सुरक्षा कारणों से पेट्रोल पंपों से खुले बर्तनों, कैनों या बोतलों में पेट्रोल-डीजल देना और लेना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। आमजन से नियमों का पालन करने में सहयोग की अपील की गई है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पेट्रोल एवं डीजल जैसे आवश्यक ईंधन पदार्थों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अधिक मूल्य पर बिक्री Essential Commodities Act के अंतर्गत गंभीर एवं दंडनीय अपराध है। यदि कोई व्यक्ति, पेट्रोल पंप संचालक या बिचौलिया इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसका लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाएगा। साथ ही भारी जुर्माना, कठोर कानूनी कार्रवाई और कारावास की कार्रवाई भी की जा सकती है।
यह भी कहा गया है कि घरों अथवा असुरक्षित स्थानों पर पेट्रोल-डीजल जैसी अत्यधिक ज्वलनशील वस्तुओं का भंडारण बड़े हादसे और आगजनी की घटनाओं को जन्म दे सकता है, जिससे जान-माल की गंभीर क्षति संभव है।
प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि “आपका एक सही कदम समाज को कालाबाजारी के अंधेरे से बचा सकता है।”
