उत्तराखण्ड
थोड़ी सी बरसात ने खोली नगर निगम की पोल
पवनीत सिंह बिंद्रा

नालियों की बदतर हालत बनी मुसीबत
यूँ तो नगर निगम समय-समय पर स्वच्छता अभियान चलाकर खानापूर्ति करता है, जहाँ बस एक-दो ट्रॉलियों में कूड़ा उठाकर शहर को ‘साफ’ घोषित कर दिया जाता है। लेकिन वास्तविकता में नालियों में जमा गंदगी और मलबे ने बारिश के पानी को रोक लिया। तिकोनिया जैसे व्यस्त चौराहे पर यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जहाँ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जनमानस में आक्रोश, मांग उठी सुधार की
इस घटना से आम जनता में नगर निगम के खिलाफ आक्रोश फैल गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बरसात में यही हाल होता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। वे मांग कर रहे हैं कि नगर निगम नालियों की गहन सफाई करे और स्थायी समाधान अपनाए। क्या अब नगर निगम इस पर ध्यान देगा, या फिर अगली बारिश तक भूल जाएगा?


