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उत्तराखण्ड

संयुक्त मोर्चा ने दी हड़ताल की चेतावनी,,


हल्द्वानी : जल निगम व जल संस्थान संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 11 से 15 जून तक जल संस्थान के प्रधान कार्यालय में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। पत्र में कहा है कि कर्मचारियों के वेतन व पेंशन भुगतान के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव मांग था, जिस पर कोषागार से वेतन व पेंशन भुगतान के लिए सरकार की ओर से सहमति दी गई थी। लेकिन उत्तराखंड जल संस्थान के प्रबंधन तंत्र ने प्रस्ताव को खारिज करते हुए असहमति जता दी है। जिसके चलते जल संस्थान और पेयजल निगम के कर्मचारियों में निराशा छाई है। इसलिए कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कहा कि यदि शीघ्र जल संस्थान प्रबंधन की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया तो सभी कर्मचारी प्रदेश व्यापी हड़ताल पर चले जाएंगे

जल निगम जल संस्थान संयुक्त मोर्चा के आदोलन नोटिस सं० 01/देहरादून, दिनांक 06.01.2024 एवं आदोलन नोटिस स० 02/देहरादून, दिनांक 17.01.2024 के क्रम में चले आन्दोलन कार्यक्रम के दौरान दिनांक 29.01.2024 की सायं मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में उनके द्वारा मांगों से सम्मत होते हुये उन पर शीध सकारात्मक कार्यवाही किये जाने का आश्वासन दिया गया तथा जस्तानुसार अग्रेत्तर कार्यवाही शीर्ष प्राथमिकता पर करने हेतु निर्देश दिये गये। मुख्यमंत्री द्वारा मांगों के निस्तारण हेतु सकारात्मक आश्वासन दिये जाने के क्रम में दिनांक 31.01.2024 को आन्दोलन स्थगित आम बैठक संगठन भवन, कमला नगर, देहरादून में आहूत की गई। शासन द्वारा कोषागार से वेतन / पेंशन निर्गत करने हेतु एक समिति का गठन किया गया था। जिस समिति में पेयजल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारी नियुक्त किये गये थे। शीघ्र कोषागार से वेतन / पेंशन देने हेतु समिति द्वारा शीघ्र सहमति मांगी गयी थी। पेयजल निगम के द्वारा अपनी सहमति शासन को प्रदान की गयी, मोर्च के संयोजक श विजय खाली द्वारा बताया गया कि पूरे प्रदेश के पेयजल कार्मिकों द्वारा जल निगम-जत संस्थान संयुक्त मोर्चा के बैनर तले दिनाक 27.02.2024 को विधानसभा कूच किया गया। विधानसभा कूच के उपरान्त सचिव पेयजल द्वारा आश्वासन दिये जाने के क्रम में दिनांक 28.02.2024 से प्रस्ताविता हड़ताल स्थगित कर दी गई। सचिव पेयजल द्वारा आश्वासन दिया गया था कि शीघ्र ही आचार संहिता लगनी सम्भावित है तथा इतने कम समय में कोषागार से वेतन प्रेषण/वेतन भुगतान का शासनादेश सम्भव नहीं है तथा आश्वस्त किया गया था कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में आचार संहिता के दौरान उक्त से सम्बन्धित पत्रावली तैयार कराकर आचार संहिता हटने के तुरंत बाद उक्त से सम्बधित शासनादेश जारी करा दिया जायेगा परन्तु शासन द्वारा चहमति मागे जाने पर भी पेयजल निगम के द्वारा अपनी सहमति तो दे दी गयी परन्तु तत्तराखण्ड जल संस्थान के प्रवनातन्त्र द्वारा अपनी सहमति नहीं दी गयी।।बैठक में निम्न कार्मिक उपस्थित रहे:-सर्व श्री रमेश विजीला, विजय खाली, श्याम सिंह नेगी राम चन्द्र सेनवाल, संदीप मल्होत्रा, शिशुपाल सिंह रावत संदीप मल्होत्रा, आनंद सिंह राजपूत, लक्ष्मी नारायण भट्ट एवं विभिन्न क्षेत्रों से नीलू शर्मा, मेहर सिंह, सतीश पार्थ, अशोक हरदयाल, अमित कुमार, जीवानन्द र रणवीर सिंह, राम प्रसाद चंदोला रमेश शर्मा, लाल सिंह रौतेला, चतर सिंह चौहान डी०पी०भद्री हेमनर, भानुप्रताप, अनिरुद्ध कठेत सुमित पुन्न, भगवती प्रसाद, नरेन्द्र पाल इत्यादि उपस्थित रहे।

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