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उत्तराखण्ड

नगर निगम ने थोक अपशिष्ट जनित्रों पर कसी नकेल, गीले कचरे के विकेन्द्रीकृत निस्तारण के निर्देश

हल्द्वानी,,,नगर निगम प्रशासन ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर थोक अपशिष्ट जनित्रों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए प्रावधानों के तहत बड़े संस्थानों, बाजारों, आवासीय परिसरों, होटलों, बैंकेट हॉलों, शिक्षण संस्थानों और अन्य थोक अपशिष्ट उत्पादकों को अपने यहां उत्पन्न होने वाले गीले अपशिष्ट, बागवानी अपशिष्ट, सूखे कचरे, स्वास्थ्यकर अपशिष्ट और विशेष देखभाल अपशिष्ट के पृथक संग्रहण तथा वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी।

नगर निगम प्रशासन के निर्देशों में कहा गया है कि गीले अपशिष्ट का प्रसंस्करण यथासंभव परिसर स्तर पर ही किया जाए। इसके लिए कंपोस्टिंग, बायोमिथेनीकरण अथवा अन्य अनुमोदित तकनीक के माध्यम से विकेन्द्रीकृत व्यवस्था विकसित करनी होगी। जिन थोक अपशिष्ट जनित्रों के पास अपने स्तर पर प्रसंस्करण सुविधा स्थापित करने की क्षमता नहीं है, उन्हें स्थानीय निकाय से आवश्यक छूट लेकर समकक्ष विस्तारित थोक अपशिष्ट जनित्र उत्तरदायित्व प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा।

नगर निगम आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि बैंकेट हॉल और होटल स्वामियों एवं अन्य बड़े संस्थान  को अपने गीले कचरे का परिवहन स्वयं करना होगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की मंशा है कि कचरा सीधे स्रोत पर ही अलग हो, उसका बोझ नगर निगम की परिवहन व्यवस्था पर न पड़े और अपशिष्ट का निस्तारण अधिक वैज्ञानिक तरीके से हो। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन न करने वाली इकाइयों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

निर्देशों के अनुसार सभी नए थोक अपशिष्ट जनित्रों को पर्याप्त क्षमता वाली विकेन्द्रीकृत गीले अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई स्थापित करनी होगी। इसमें बागवानी अपशिष्ट प्रसंस्करण की सुविधा भी शामिल रहेगी, ताकि परिसर में उत्पन्न संपूर्ण गीले अपशिष्ट का समयबद्ध और सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित हो सके। प्रशासन ने कहा है कि अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही या निर्धारित व्यवस्था न करने पर संबंधित इकाई के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जो इकाइयां अनिवार्य पंजीकरण के बिना कार्य कर रही हैं, उनके साथ कोई लेन-देन नहीं किया जाएगा। साथ ही, अपशिष्ट केवल पंजीकृत प्रसंस्करणकर्ताओं, संग्रहकर्ताओं, चुनने वालों या विकेन्द्रीकृत प्रसंस्करण सुविधाओं तक ही भेजा जाएगा। इससे कचरे के खुले में निस्तारण, अवैज्ञानिक ढुलाई और पर्यावरणीय प्रदूषण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

नगर निगम प्रशासन ने वार्षिक अनुपालन को भी अनिवार्य किया है। थोक अपशिष्ट जनित्रों को प्रत्येक वर्ष 30 जून तक केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल पर वार्षिक रिटर्न दाखिल करना होगा। इसके बाद यह विवरण स्थानीय निकायों को आगे की कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा और नगर निगम की वेबसाइट पर सार्वजनिक डोमेन में भी रखा जाएगा।

इसके साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान उत्पन्न ठोस अपशिष्ट के त्वरित निस्तारण और वैज्ञानिक उपयोग या उपचार के भी निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इन उपायों से शहर में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, अपशिष्ट प्रबंधन अधिक पारदर्शी बनेगा और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि नए निर्देशों का उद्देश्य कचरा प्रबंधन को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना, संसाधनों का पुनर्चक्रण बढ़ाना और शहर को स्वच्छ, सुरक्षित व पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।

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