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उत्तराखण्ड

सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने चार स्वास्थ्य केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, मरीजों से सुलभ व्यवहार के निर्देश

रामनगर, 22 अक्टूबर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालाढूंगी सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलपड़ाव, पीरुमदारा और कानिया का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लेबर रूम, वार्ड, फार्मेसी, अभिलेखों, दवा उपलब्धता और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने लेबर रूम का रजिस्टर अलग से व्यवस्थित रखने और रेफरल रजिस्टर का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवार कल्याण संबंधी सामग्री को प्रमुखता से प्रदर्शित करने और पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा। साथ ही, रेफर किए जाने वाले मरीजों को 108 एंबुलेंस सेवा से उच्च स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने तथा प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए खुशियों की सवारी सेवा का उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

डॉ. पंत ने बायोमेडिकल वेस्ट का नियमानुसार निस्तारण करने, कोल्ड चेन का उचित रखरखाव करने और ई-औषधि पोर्टल पर दवाओं के स्टॉक एवं वितरण का रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।

निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहे निर्माण एवं आधारभूत संरचना संबंधी कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आवश्यकतानुसार व्हाइटवॉश कराने, निर्माण कार्यों में तेजी लाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए, ताकि स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।

ईजा-बोई और जननी सुरक्षा योजना का प्रचार-प्रसार करने पर जोर

डॉ. पंत ने आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को निर्देश दिए कि वे क्षेत्र भ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को संस्थागत प्रसव, प्रसव के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने ईजा-बोई योजना और जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।

उन्होंने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत पात्र महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में प्रसव होने पर 1,400 रुपये तथा शहरी क्षेत्र में प्रसव होने पर 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अतिरिक्त, प्रसव के बाद महिला के 48 घंटे तक अस्पताल में रुकने पर तीमारदार को 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दो दिन के लिए कुल 600 रुपये की सहायता दिए जाने की व्यवस्था के बारे में भी पात्र लाभार्थियों को जानकारी देने के निर्देश दिए।

मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की हिदायत

सीएमओ ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज एवं उसके तीमारदार के साथ संवेदनशीलता, सम्मान और सुलभ व्यवहार अपनाया जाए। मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। डॉ. पंत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, अभिलेखों के रखरखाव और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की नियमित समीक्षा एवं निगरानी करें, ताकि आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

— चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जनपद नैनीताल

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