उत्तराखण्ड
सिलाई के हुनर से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं, 17 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण का हुआ समापन


द ढाल सोसाइटी ने महिलाओं को दिए सिलाई, कटिंग और डिजाइनिंग के व्यावहारिक गुर, प्रमाण-पत्र पाकर खिले प्रशिक्षणार्थियों के चेहरे
हल्द्वानी। घूनी नंबर-2, कठघरिया में द ढाल सोसाइटी (एन असिस्टेंस फॉर लाइफ) की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए “सशक्त नारी, आत्मनिर्भर नारी” की भावना के साथ आयोजित 17 दिवसीय निःशुल्क व्यावसायिक सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र की माताओं-बहनों को सिलाई का व्यावसायिक हुनर प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार, आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसरों से जोड़ना रहा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिलाओं को एडवोकेट सुनीति भट्ट ने सम्मानित करते हुए प्रमाण-पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर एडवोकेट सुनीति भट्ट ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के हाथ में हुनर हो तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को अपने भीतर छिपी प्रतिभा और हुनर को पहचानकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। आत्मनिर्भर महिला न केवल अपने पैरों पर खड़ी होती है, बल्कि पूरे परिवार को मजबूती प्रदान करती है।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को सिलाई मशीन के संचालन के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के वस्त्रों की कटिंग, नाप, सिलाई और डिजाइनिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा प्रशिक्षार्थियों को सिलाई के हुनर के जरिए स्वरोजगार शुरू करने, घर बैठे आय अर्जित करने और अपने कौशल को व्यवसाय में बदलने के विभिन्न तरीकों की जानकारी भी दी गई।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें हुनर के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाना है। इससे महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग करने के साथ-साथ सम्मानजनक तरीके से अपनी आजीविका भी चला सकती हैं।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाली महिलाओं में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने संस्था की इस पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से उन्हें नया कौशल सीखने के साथ-साथ भविष्य में घर से ही रोजगार शुरू करने का आत्मविश्वास भी मिला है।
कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी महिलाएं मौजूद रहीं।





















