उत्तराखण्ड
सड़क पर मौत का सामान बने वाहनों पर परिवहन विभाग का शिकंजा, तीन दिन विशेष चेकिंग






संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों के टोइंग कर चलाए जा रहे वाहनों से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। ऐसे वाहनों की जांच के साथ ही उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अभियान के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रेलर, टैंकर, मिक्सर, क्रेन, दोपहिया वाहन साइड कार, फूड वैन समेत अन्य विशेष प्रकार से निर्मित वाहनों की भी जांच की जानी थी। इसके अलावा अपंजीकृत वाहन, बिना रिफ्लेक्टर टेप, लाइट-ब्रेक-फॉग लैंप/इंडिकेटर में कमी वाले वाहन तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग ने संबंधित सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों, प्रवर्तन अधिकारियों, इंटरसेप्टर, सचल दल और बाइक स्क्वायड को अभियान में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों से प्रतिदिन की गई कार्रवाई की सूचना निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
निर्धारित प्रारूप में कुल चालान, बंद किए गए वाहन, अपंजीकृत वाहन, बिना रिफ्लेक्टर, सुरक्षा लाइटों से संबंधित उल्लंघन, टो किए जा रहे वाहन, ओवरलोडिंग, बिना परमिट, बिना ड्राइविंग लाइसेंस तथा अन्य अभियोगों का विवरण दर्ज किया जाना है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य सड़क पर असुरक्षित वाहनों के संचालन पर अंकुश लगाने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात सुरक्षा को मजबूत करना है।

















