उत्तराखण्ड
सड़कों की बदहाली पर भड़के मंत्री राम सिंह कैड़ा, PWD को तत्काल डामरीकरण के निर्देश

स्वीकृत बजट के बावजूद काम शुरू न होने पर जताई नाराजगी, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
नैनीताल। जनपद में क्षतिग्रस्त मोटर मार्गों की बदहाल स्थिति और डामरीकरण कार्य में हो रही देरी पर मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के उच्च अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर सड़कों की स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई और जनपद के सभी क्षतिग्रस्त मोटर मार्गों पर तत्काल डामरीकरण कार्य शुरू कराने के सख्त निर्देश दिए।
मंत्री कैड़ा ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से सवाल किया कि जब डामरीकरण कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी है, तो इसके बावजूद धरातल पर कार्य शुरू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण आम जनता को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बजट उपलब्ध होने के बाद भी कार्य में देरी किया जाना गंभीर विषय है।
उन्होंने निर्देश दिए कि चाफी से पदमपुर-धारी, रानीबाग से भीमताल, धारी से कसियालेख, टकूरा से जमराड़ी, रामगढ़ से कैंचीधाम सहित नैनीताल जनपद के दर्जनों क्षतिग्रस्त मोटर मार्गों पर स्वीकृत धनराशि का उपयोग करते हुए निर्धारित समय सीमा में डामरीकरण कार्य पूरा किया जाए।
मंत्री कैड़ा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सबसे अधिक क्षतिग्रस्त सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर वहां तत्काल काम शुरू कराया जाए। साथ ही उन्होंने कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों और जनता की सुविधा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कार्य में अकारण देरी पाई गई अथवा डामरीकरण की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी सामने आई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सड़कें ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों की जीवनरेखा हैं। इसलिए इनके निर्माण, मरम्मत और रखरखाव में गुणवत्ता तथा समयबद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

















