उत्तराखण्ड
वर्ग-3 व वर्ग-4 भूमि के पट्टेदारों-कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार

कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने फैसले का किया स्वागत, मुख्यमंत्री धामी का जताया आभार
हल्द्वानी। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से भूमि अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे पात्र परिवारों को राहत मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि पर वर्षों से रह रहे लोगों की भावनाओं और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भूमिधरी अधिकार मिलने से पात्र लोगों को भूमि पर अधिक स्थायित्व और मालिकाना हक से जुड़ी सुरक्षा प्राप्त होगी।
कैड़ा ने विशेष रूप से जनपद नैनीताल की नगर पंचायत लालकुआं से संबंधित निर्णय का स्वागत किया। कैबिनेट ने लालकुआं में संबंधित वर्ग-3 एवं वर्ग-4 के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार प्रदान करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही देहरादून के परगना जौनसार-बावर में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। संबंधित भूमि के विनियमितीकरण के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ाने तथा इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया गया है।
मंत्री कैड़ा ने कहा कि खाम लैंड, वर्ग-3 और वर्ग-4 की जमीन पर वर्षों से रह रही जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित पात्र परिवारों को अपने आवास और भूमि को लेकर स्थायित्व मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार जनहित को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी और संवेदनशील निर्णय ले रही है। भूमि अधिकार से जुड़ा यह फैसला लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के लोगों की अपेक्षाओं और जरूरतों के अनुरूप नीतिगत फैसले लेने के लिए प्रतिबद्ध है।





















