Connect with us

उत्तराखण्ड

लोहाघाट की डॉ. सुमन पांडे ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से की मुलाकात

पर्वतीय जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन के प्रयासों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर साझा करने का अवसर लोहाघाट की डॉ. सुमन पांडे को मिला। नमामि गंगे मिशन की पहल पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के जल योद्धाओं ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट की। इस कार्यक्रम में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, लोहाघाट की नमामि गंगे प्रभारी डॉ. सुमन पांडे ने भी प्रतिभाग किया।

मुलाकात के दौरान डॉ. पांडे ने उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों, विशेषकर लोहाघाट में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में प्राकृतिक जल स्रोत ग्रामीण जीवन, पर्यावरण और स्थानीय पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को साथ लेकर चलना आवश्यक है।

डॉ. पांडे ने पर्वतीय क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी केंद्रीय मंत्री के साथ विचार साझा किए। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय की रसायन विज्ञान की प्रोफेसर डॉ. ममता खर्कवाल, संयुक्त उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. संगीता गुप्ता और श्री किशन चंद पांडेय का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने जल संरक्षण के वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

डॉ. सुमन पांडे ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का अवसर देने के लिए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रेखा जोशी का आभार व्यक्त किया।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page