उत्तराखण्ड
रेट लिस्ट में 80, वसूले जा रहे 100 रुपये! पशु चिकित्सालय के पास देशी शराब की दुकान पर ओवररेटिंग का आरोप

हल्द्वानी। सरकार और आबकारी विभाग की ओर से शराब की दुकानों पर निर्धारित दरों की रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के निर्देश दिए जाते हैं, ताकि उपभोक्ताओं से मनमाने दाम न वसूले जा सकें। लेकिन पशु चिकित्सालय के पास स्थित देशी शराब की दुकान पर इन आदेशों की कथित तौर पर खुलेआम अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है।जानकारी के अनुसार, दुकान पर लगी रेट लिस्ट में एक क्वार्टर देशी शराब की कीमत 80 रुपये अंकित है, जबकि ग्राहकों से कथित तौर पर उसी क्वार्टर के 100 रुपये वसूले जा रहे हैं। यानी निर्धारित कीमत से 20 रुपये अधिक लेने का आरोप है।
बताया गया कि मामला कल शाम का है। रोजाना मेहनत-मजदूरी और रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले गरीब तबके के लोग भी इस दुकान से शराब खरीदते हैं। आरोप है कि ऐसे ग्राहकों से भी निर्धारित दर से अधिक रकम वसूली जा रही है।
मामले में जब सेल्समैन से रेट लिस्ट में दर्ज कीमत और वसूली जा रही रकम के बीच अंतर को लेकर सवाल किया गया तो कथित तौर पर सेल्समैन ने जवाब दिया कि “आप कहीं शिकायत कर दो, हमारी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता।” यदि यह कथन सही है तो यह संबंधित विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दुकान पर स्पष्ट रूप से 80 रुपये की रेट लिस्ट प्रदर्शित है तो फिर 100 रुपये किस आधार पर वसूले जा रहे हैं? क्या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर निरीक्षण एवं कार्रवाई की व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है?
सेल्समैन द्वारा कथित तौर पर शिकायत की चुनौती दिए जाने के बाद अब आबकारी विभाग की जांच और कार्रवाई पर नजर है। जरूरत इस बात की है कि संबंधित अधिकारी मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएं और यदि निर्धारित दर से अधिक वसूली की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
वहीं, पूरे मामले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि यदि शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली पर प्रभावी निगरानी नहीं होगी तो सरकार द्वारा रेट लिस्ट चस्पा कराने के आदेशों का उद्देश्य कैसे पूरा होगा?

















