उत्तराखण्ड
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा, प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश



नैनीताल, 06 अक्टूबर 2026। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत की अध्यक्षता में कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नैनीताल के सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में आईडीएसपी, नियमित प्रतिरक्षण, टीबी, संचारी एवं गैर-संचारी रोग, जलजनित रोग, पीसीपीएनडीटी तथा जननी-शिशु स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे संबंधित लाइन डिपार्टमेंट के साथ समन्वय स्थापित करते हुए माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य सुनिश्चित करें। लक्षित समूहों को चिन्हित कर योजनाबद्ध तरीके से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा होम डिलीवरी में कमी लाते हुए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि जनपद के 32 डिलीवरी प्वाइंट को पूर्ण रूप से सक्षम बनाने की दिशा में प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए। किसी भी स्वास्थ्य इकाई में मानव संसाधन, उपकरण, दवाइयों अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी होने पर तत्काल कार्ययोजना तैयार कर जनपद स्तर पर उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समय पर की जा सके।
सर्विलांस कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान सीएमओ ने सभी संबंधित पोर्टल एवं ऑनलाइन एंट्री को समय से अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध और सही रिपोर्टिंग के माध्यम से बीमारियों की प्रारंभिक स्तर पर पहचान की जा सकती है, जिससे आवश्यक नियंत्रणात्मक कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम की नियमित एवं सख्त समीक्षा की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण भी किया जाएगा। कार्यों में लापरवाही अथवा निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय, प्रभावी निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।





















