उत्तराखण्ड
मैक्स हॉस्पिटल वैशाली के डॉक्टरों ने हल्द्वानी के दो मरीजों के जटिल कैंसर का किया सफल इलाज

बाइल डक्ट और रेक्टम के कैंसर से पीड़ित मरीजों को मिली राहत, आधुनिक सर्जरी और समन्वित उपचार से हासिल की सफलता
हल्द्वानी, 22 अक्टूबर। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, वैशाली के चिकित्सकों ने हल्द्वानी के दो मरीजों के जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) कैंसर का सफल उपचार किया है। दोनों मरीजों में बाइल डक्ट और रेक्टम का कैंसर पाया गया था। अस्पताल के जीआई एवं एचपीबी सर्जरी तथा सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के वाइस चेयरमैन एवं हेड डॉ. विवेक मंगला के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने आधुनिक सर्जिकल तकनीकों, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और बेहतर पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल के माध्यम से दोनों मरीजों का उपचार किया।
पहले मामले में हल्द्वानी निवासी 60 वर्षीय हंसी डांगी कॉमन बाइल डक्ट के मध्य भाग में कोलैंगियोकार्सिनोमा यानी पित्त नली के कैंसर से पीड़ित थीं। वह गंभीर पीलिया, बिलीरुबिन के बढ़े हुए स्तर और करीब एक महीने से बुखार की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचीं। सर्जरी से पहले उनकी स्थिति को स्थिर करना जरूरी था। चिकित्सकों ने सबसे पहले पित्त नली में आई रुकावट को दूर कर पित्त के प्रवाह को बेहतर बनाया। इसके बाद प्रभावित पित्त नली के हिस्से और आसपास की लिम्फ नोड्स को निकालने के लिए सर्जरी की गई। साथ ही शेष पित्त नली को छोटी आंत से जोड़कर पित्त के प्रवाह को सामान्य बनाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी बेहतर रही और कोई बड़ी जटिलता सामने नहीं आई। उन्होंने सामान्य भोजन लेना शुरू कर दिया। सर्जरी के सातवें दिन स्थिर स्थिति में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
दूसरे मामले में हल्द्वानी निवासी 61 वर्षीय मान सिंह के रेक्टम के मध्य भाग में स्थानीय स्तर पर बढ़ चुके कैंसर का पता चला था। उनके उपचार की शुरुआत कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के संयुक्त उपचार से की गई। इसके बाद उन्हें FOLFOX कीमोथेरेपी के चार चक्र दिए गए, जिससे बीमारी में आंशिक सुधार हुआ। इसके बाद चिकित्सकों ने लैप्रोस्कोपिक रैडिकल लो एंटीरियर रिसेक्शन सर्जरी की। इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से रेक्टम के प्रभावित हिस्से और आसपास की लिम्फ नोड्स को निकाला गया। सर्जरी के पांचवें दिन मरीज को स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद उन्हें कीमोथेरेपी के तीन अतिरिक्त चक्र भी दिए गए।
डॉ. विवेक मंगला ने बताया कि जटिल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर के उपचार में सटीक योजना, विभिन्न उपचार पद्धतियों के बीच समन्वय और मरीज की स्थिति के अनुरूप निर्णय लेना बेहद महत्वपूर्ण है। बाइल डक्ट के कैंसर में सर्जरी से पहले पित्त की रुकावट दूर करना और मरीज की स्थिति को स्थिर करना आवश्यक होता है। वहीं, रेक्टम के कैंसर में बीमारी की स्थिति के अनुसार कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, सर्जरी और उसके बाद आगे का उपचार किया जा सकता है। चिकित्सकों का प्रयास प्रत्येक मरीज के लिए उपयुक्त उपचार तय करने और संभावित जटिलताओं का समय रहते प्रबंधन करने पर रहता है।
उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं मरीजों के नजदीक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वह प्रत्येक महीने के चौथे गुरुवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक हल्द्वानी के साई हॉस्पिटल में नियमित ओपीडी परामर्श देते हैं। इससे हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ से परामर्श लेने के लिए दूर जाने की आवश्यकता कम होती है।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, वैशाली में लिवर, पैंक्रियाज, बाइल डक्ट, पेट, कोलन और रेक्टम सहित विभिन्न अंगों के कैंसर तथा अन्य जटिल बीमारियों के उपचार के लिए बहु-विषयक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में आधुनिक सर्जरी, साक्ष्य-आधारित उपचार और मरीजों की समग्र देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
संपर्क: दिव्यांश चावला, 9266723022





